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नीट पेपर लीक प्रकरण के बीच हिमाचल के सरकारी स्कूलों पर बड़ा फैसला

हिमाचल प्रदेश के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है।

निदेशालय ने सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में ऑडियो-वीडियो सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही शिमला जिला के छह सरकारी स्कूलों से ऑनलाइन निगरानी यानी वर्चुअल इंस्पेक्शन की शुरुआत भी कर दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत शिक्षा निदेशक अब निदेशालय से ही किसी भी स्कूल का लाइव निरीक्षण कर रहे हैं और छात्रों व शिक्षकों की उपस्थिति के साथ-साथ शिक्षण गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

प्रदेश की राजधानी शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, लालपानी, मशोबरा, पोर्टमोर और संजौली में ऑडियो-वीडियो सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं।

इन सभी स्कूलों का लाइव एक्सेस सीधे स्कूल शिक्षा निदेशालय के पास है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर द्वारा शुरू किए गए वर्चुअल इंटरैक्शन ऐप के माध्यम से इन स्कूलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है और विभाग के अनुसार इस प्रणाली के सभी ट्रायल सफल रहे हैं।

नई व्यवस्था के तहत कक्षाओं, स्टाफ रूम, स्कूल परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे कैमरों की लाइव फीड सीधे निदेशालय तक पहुंचेगी। इससे पढ़ाई, अनुशासन, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा स्कूलों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी संभव होगी। विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जिन वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में निर्धारित मानकों के अनुसार ऑडियो-वीडियो सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाएंगे, उन्हें बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा केंद्र के रूप में मंजूरी नहीं दी जाएगी।

इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाना है। प्रदेश में वर्तमान समय में करीब 1,950 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।

निदेशालय का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सभी स्कूलों को इस ऑनलाइन निगरानी प्रणाली से जोडऩा है। इसके लिए सभी जिला उपनिदेशकों से 15 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों का लाइव एक्सेस सीधे स्कूल शिक्षा निदेशालय से जोड़ा जाए।

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