असुरक्षित स्कूल भवनों में नहीं बैठेंगे विद्यार्थी
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य के सभी असुरक्षित और जर्जर सरकारी स्कूल भवनों में बच्चों की कक्षाएं लगाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी आदेशों के तहत कांगड़ा जिला सहित प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, यदि किसी स्कूल भवन की स्थिति जर्जर या असुरक्षित पाई जाती है तो वहां बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा। स्कूल प्रशासन को सबसे पहले अपने स्तर पर सुरक्षित भवन या स्थान की व्यवस्था करनी होगी।
यदि विद्यालय परिसर में ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है तो संबंधित जिला उपायुक्त (डीसी) से सरकारी भवन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया जाएगा।
सरकारी भवन उपलब्ध न होने की स्थिति में उपायुक्त से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर निजी भवन को किराए पर लिया जा सकेगा। इसके लिए निर्धारित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए मामला शिक्षा निदेशालय को भेजा जाएगा।
समिति की रिपोर्ट और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निदेशालय की मंजूरी मिलने पर सरकार द्वारा जारी नियमों के तहत जर्जर भवनों को ध्वस्त किया जाएगा।
डिजाइन प्लान जल्द भेजें
स्कूल प्रशासन को नए भवन निर्माण के लिए एस्टीमेट और डिजाइन प्लान तैयार कर शीघ्र शिक्षा निदेशालय को भेजना होगा, ताकि नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके। उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), कांगड़ा कार्यालय ने जिले के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा मुख्याध्यापकों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
उपनिदेशक स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक/माध्यमिक), कांगड़ा अजय सम्बयाल ने कहा कि शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। किसी भी जर्जर या असुरक्षित भवन में बच्चों को बैठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल भवन को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंका है तो स्कूल प्रशासन तत्काल इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराए और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।





