हिमाचल में बेटियों के लिए 21100 की एफडी और पढ़ाई के लिए 12 हजार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, उनके भविष्य और आत्मनिर्भरता को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी बेटी की आर्थिक स्थिति उसकी पढ़ाई और उसके सपनों के बीच बाधा न बने।
इसी उद्देश्य से सरकार की ओर से ‘बेटी है अनमोल योजना’ के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत 12 अगस्त 2021 के बाद जन्मी बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए 21,100 रुपए की एफडी का प्रावधान किया गया है।
बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद यह राशि उसे ब्याज सहित प्राप्त होगी। इससे बेटियों को भविष्य में उच्च शिक्षा, कौशल विकास या अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि योजना में बेटियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए 12,000 रुपए की एकमुश्त सहायता का भी प्रावधान है। इसके साथ ही शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर वार्षिक छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है।
इस तरह योजना के माध्यम से बेटियों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनकी शिक्षा को लगातार प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में अब तक 75,409 बेटियां ‘बेटी है अनमोल योजना’ का लाभ ले चुकी हैं। बड़ी संख्या में बेटियों को योजना से जोडऩा इस बात को दर्शाता है कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई परिवारों में आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण बेटियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली वित्तीय सहायता परिवारों को बेटियों की शिक्षा जारी रखने में सहयोग प्रदान कर सकती है।
सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को भी शिक्षा के पर्याप्त अवसर मिलें और वे अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि बेटी की शिक्षा केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे परिवार और समाज भी मजबूत होता है। शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां अपने परिवार के साथ-साथ प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसी सोच के साथ सरकार की ओर से बेटियों के लिए वित्तीय सहायता और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं को महत्व दिया जा रहा है।
18 साल की उम्र में मिलेगी एफडी की राशि
योजना के तहत की जाने वाली 21,100 रुपए की एफडी बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे यह राशि ब्याज सहित मिलेगी। इसके अलावा पढ़ाई के दौरान मिलने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति और 12 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता से शिक्षा संबंधी खर्चों में भी मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की हर बेटी को आगे बढऩे का अवसर मिले। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाकर सरकार उन्हें शिक्षा जारी रखने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आर्थिक स्थिति किसी बेटी की पढ़ाई और उसके सपनों के बीच बाधा न बने और हर बेटी को आगे बढऩे का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बेटियों के सशक्तीकरण और उन्हें बेहतर भविष्य उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की ओर से आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।







