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किन्नौर की ऊंची चोटियों में हुई इस सीजन की पहली बर्फबारी

किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों ग्राम पंचायत छितकुल में तीन इंच, ग्राम पंचायत चराग में अढ़ाई से तीन इंच इस सर्दी का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। किन्नौर कैलाश और ऊंची पहाड़ी की चोटियों में दो से तीन फुट बर्फ दर्ज की गई है।

शनिवार सुबह से ही जिला के रिकांगपिओ सहित अन्य निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा जबकि छितकुल और कुन्नू-चरंग सहित कई अन्य ऊंचाई पर स्थित आबादी वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की।

जिला के निचले इलाकों, भावानगर, रिकांगपिओ और टापरी सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई जबकि ऊंचे क्षेत्र ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। गौरतलब है कि इन दिनों जिला के कल्पा और पूह ब्लॉक में सेब तुड़ाई का कार्य जोरों पर चल रहा है।

ऐसे समय में अचानक हुई इस बर्फबारी और बारिश ने बागबानों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे सेब तुड़ान और सेब को मंडियों तक पहुंचाने में बाधा उत्पन्न हुई है।

यहां बागबानों को चिंता सताने लगी है कि तापमान में और गिरावट आई तो बर्फबारी उनके सेब से लदे पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक जिला में सड़कें पूरी तरह बहाल हैं और किसी प्रकार की अनहोनी या नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

मगर जिला के ऊंचे क्षेत्रों में सीजन की इस पहली बर्फबारी एव निचले क्षेत्र में बारिश के चलते जिला में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई है। जिले में अत्यधिक ठंड के कारण सुबह से ही गर्म कपड़े पहनने को मजबूर है।

बागबानों की टेंशन बढ़ी
छितकुल में महिला मंडल के प्रधान सूरज मुनि, उपप्रधान हमेश कुमारी, सचिव दीपिका नेगी और किसानों ने बताया कि छितकुल में पहली बर्फ बारी हुई है। इससे फसलों को नुकसान होने का अनुमान है ।

कल्पा में तापमान में 10 डिग्री गिरावट
ताजा बर्फबारी के कारण किन्नौर के कल्पा में अधिकतम तापमान में करीब 10 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई और यह 13.3 डिग्री सेल्सियस रहा। ताबो में भी अधिकतम तापमान 11 डिग्री गिरकर 13.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

राजधानी शिमला का अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री गिरकर 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट आई और यह सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे रहा। शिमला में हुई बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया। निचले इलाकों में उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिली।

मौसम विज्ञान ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विज्ञान विभाग ने 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान आठ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

गरज-चमक के साथ भारी बारिश की भी संभावना है। सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट रहेगा। सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।

वहीं 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। 29 सितंबर के बाद मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 30 सितंबर से दो अक्तूबर के बीच मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

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