80 करोड़ से सुधरेगा पठानकोट-भरमौर एनएच
पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाई-वे पर मणिमहेश यात्रा से पहले 80 करोड़ से अधिक की राशी से चकाचक होगा। एनएचएआई की ओर से सडक़ के कार्यो के लिए आयोजित टेंडर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। टेंडर की तकनीकी और वित्तीय मूल्याकंन करने के उपरांत कार्य को चयनित एजेंसियों को अवार्ड दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पठानकोट-चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-154ए) पर मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 80 करोड़ से अधिक के कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। एनएचएआई ने चक्कीधार से भरमौर तक सडक़ के विभिन्न हिस्सों में होने वाले कार्याो को पांच पैकेजों में विभाजित किया है।
इसके तहत चक्कीधार से कटोरी खंड पर करीब 5.95 करोड़ रुपए, कटोरी से बनीखेत खंड पर लगभग 7.50 करोड़ रुपए, बनीखेत से बालू खंड पर करीब 19.82 करोड़ रुपए, बालू-चंबा-धरवाला खंड पर लगभग 24.70 करोड़ रुपए तथा धरवाला से भरमौर खंड पर करीब 24.80 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। एनएचएआई मणिमहेश यात्रा को ध्यान में रखते हुए इस पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी करने में जुटा है।
पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा के चलते पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे को भारी नुकसान पहुंचा था। वहीं, रावी नदी में बाढ़ आने के कारण एनएच कई स्थानों पर गायब ही हो गया था। इसके बाद सडक़ को अस्थायी तौर पर बहाल किया गया था।
लंबे समय से सडक़ की खस्ता हालत को लेकर पांगी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डा. जनक राज ने भी मोर्चा खोलते हुए जल्द सडक़ को दुरुस्त करने का मामला राज्य सरकार के समक्ष उठाया था। इस बीच केंद्र सरकार ने इस हाईवे को एनएचएआई के अधीन करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
उधर, एनएचएआई का कहना है कि पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर होने वाले कार्यो को लेकर आयोजित टेंडर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। जल्द ही औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद कार्यो को चयनित एजेंसियों को अवार्ड कर दिया जाएगा।
