नेरचौक मेडिकल कालेज में 5 महीने में हुई 100 सफल रोबोटिक सर्जरी
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक तकनीक ने तहलका मचा दिया है। श्रीलाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, नेरचौक में शुरू हुई अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा ने पांच महीने के भीतर ही करीब 100 सफल रोबोटिक सर्जरी पूर्ण कर ली हैं।
बीते छह मार्च को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 28.44 करोड़ रुपए की लागत से बनी रोबोटिक सर्जरी यूनिट का उद्घाटन किया। सीएम सुक्खू ने स्वयं ओटी में जाकर पहले रोबोटिक ऑपरेशनों को अपनी आंखों से देखा था।
ऐसे में अब नेरचौक राज्य का तीसरा सरकारी अस्पताल बन गया है जहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। रोबोटिक सर्जरी में न्यूनतम चीर-फाड़, कम खून बहना, तेज रिकवरी और कम दिनों में अस्पताल से छुट्टी हो रही है।
सीएम के सामने ही तीन सर्जरी की गई हैं। इनमें एक हर्निया और दो गॉल ब्लैडर की हैं। शिमला के चमियाणा और टांडा में भी रोबोटिक सर्जरी की जा रही है। मंडी के ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अब दिल्ली, चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं। जटिल ऑपरेशन भी सटीकता के साथ यहां हो रहे हैं। इससे मरीजों का समय, पैसा और परेशानी तीनों बच रहे हैं।
दायरा बढ़ेगा
श्रीलाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज नेरचौक के प्रिंसीपल डा राजेश भवानी ने बताया की यह सफलता हिमाचल की स्वास्थ्य क्रांति का सशक्त प्रतीक है। रोबोट के हाथों हो रहे इन चमत्कारिक ऑपरेशनों से मरीजों को नई जिंदगी मिल रही है। मेडिकल कालेज में इसका दायरा बढाया जाएगा। नेरचौक में अभी तक सौ के करीब सर्जरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का विजन साफ
हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों को आधुनिक तकनीक से लैस करना सीएम का विजन रहा है। इसी के चलते अब आईजीएमसी शिमला और हमीरपुर मेडिकल कालेज में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू होने वाली है।
सभी मरीज स्वस्थ
नेरचौक मेडिकल कालेज में रोबोटिक सर्जरी से किए गए सभी आप्रेशन सफल रहे हैं। किसी भी आप्रेशन में कोई कॉम्प्लिकेशंस नहीं आया है और मरीजों की रिकवरी रेट भी आशा से बेहतर बताया गया है।








