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किन्नौर का कूपा डैम बना प्रवासी पक्षियों की पसंद

किन्नौर जिले की सांगला घाटी में स्थित कूपा डैम प्रवासी पक्षियों के लिए पसंदीदा ठिकाना बन रहा है। यहां वन्य प्राणी विभाग की टीम ने पक्षी अवलोकन के दौरान 16 प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की है।

इनमें विभिन्न प्रजातियों की बत्तखों के अलावा जलीय और नदी किनारे रहने वाले पक्षी शामिल हैं। वन्य प्राणी परिक्षेत्र सांगला की टीम ने कूपा डैम और आसपास के क्षेत्रों में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक पक्षियों का अवलोकन किया।

करीब पांच घंटे चले इस अभियान में वन खंड अधिकारी गोपाल नेगी, वन खंड अधिकारी संतोष ठाकुर, वन मित्र कुमारी अल्पना और बर्डर तेनजिन नेगी शामिल रहे।

टीम ने क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पक्षियों की मौजूदगी का निरीक्षण किया और प्रजातियों को दर्ज किया। वन्य प्राणी विभाग का कहना है कि कूपा डैम और इसके आसपास के जलक्षेत्र में पक्षियों के लिए भोजन, विश्राम और रहने की अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हैं।

विशेष रूप से प्रवासी जलपक्षियों के लिए यह क्षेत्र महत्त्वपूर्ण है। सराहन वन्यजीव मंडल के उप अरण्यपाल अशोक नेगी ने बताया कि प्रवासी पक्षी हर साल अक्तूबर में यहां पहुंचते हैं और मार्च-अप्रैल तक ठहरते हैं।

उन्होंने वन्यप्राणी रेंज सांगला की टीमों को निर्देश दिए हैं कि हर साल की तरह इस बार भी कूपा डैम और दूसरे क्षेत्रों में निगरानी रखी जाए। इससे पक्षियों की पहचान और उनकी संख्या का पता लगाने के साथ संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।

कूपा डैम और आसपास के क्षेत्रों में दर्ज पक्षी प्रजातियों में आइबिसबिल, यूरेशियन कूट, कॉमन टील, गार्गनी, ग्रेट कॉर्मोरेंट, नॉर्दर्न शोवलर, फेरुजिनस डक, मल्लार्ड, नॉर्दर्न पिंटेल, गैडवॉल, ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, व्हाइट-कैप्ड रेडस्टार्ट, प्लम्बियस वाटर रेडस्टार्ट, ब्राउन डिपर, कॉमन सैंडपाइपर और ग्रीन सैंडपाइपर शामिल हैं।

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