पुलिस में होंगी 1000 और भर्तियां : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि पुलिस विभाग में 1300 से ज्यादा पद कांस्टेबलों के भरे जा चुके हैं और 1000 से ज्यादा पद अभी और भरे जा रहे हैं।
पूर्व सरकार के दौरान भी पुलिस में भर्ती हुई, लेकिन पेपर लीक हो गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस में भर्ती इसलिए भी हमें ज्यादा करनी पड़ रही है, क्योंकि हमारे युवा भारत सरकार की अग्निवीर स्कीम को पसंद नहीं कर रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के तहत उन्होंने और भी कई कदम नई नौकरियों को लेकर लिए हैं। लोक सेवा आयोग में पहले लिखित परीक्षा के अंकों को इग्नोर कर दिया जाता था और इंटरव्यू के आधार पर ही नियुक्तियां होती थीं, लेकिन अब लिखित परीक्षा की मेरिट और इंटरव्यू के रिजल्ट से चयन होता है, ताकि किसी से भेदभाव न हो।
राज्य चयन आयोग में भी पहली बार उनकी सरकार ने चयनित होने के लिए पास माक्र्स को अनुसूचित जाति के लिए 30 से बढक़र 40 फ़ीसदी और सामान्य वर्ग के लिए 35 से बढक़र 45 फ़ीसदी लिमिट कर दी है।
वह नौकरियों से संबंधित भाजपा विधायक जेआर कटवाल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के अनुपूरक सवाल का जवाब दे रहे थे। जेआर कटवाल ने कहा कि बिलासपुर में मत्स्य पालकों को लेकर हुए कार्यक्रम और उन्हें दी गई राहत राशि की स्कीम भारत सरकार की है।
राज्य सरकार उसमें अपना हिस्सा डालकर पैसे दे रही है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य पालकों के लिए यह स्कीम पूरी तरह हिमाचल सरकार की है जिसमें भारत सरकार के पैसे का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
मैं सुखविंदर, सुखराम नहीं
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जब कहा सीएम को नई स्कीम में दो नाम पर रखने का शौक है। या तो अपने नाम पर सुख आश्रय जैसा नाम रख देते हैं या फिर राजीव गांधी या इंदिरा गांधी पर।
तब सीएम ने जवाब दिया कि उनका नाम सुखविंदर सिंह है, सुखराम नहीं, जो वह अपने नाम का इस्तेमाल योजनाओं में करेंगे। सुख का आशय हैपिनेस से है। यदि मैं आपको जय हिंद कहूं तो क्या वह भी जयराम के नाम से बना होगा? इस जवाब पर सदन में ठहाके भी लगे।







