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मणिमहेश यात्रा के दौरान रात को सफर नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

विश्वप्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मैहला से आगे रात 11 से सुबह चार बजे तथा हड़सर से पवित्र डल झील तक सायं सात बजे से सवेरे चार बजे तक यात्रा प्रतिबंधित रखी जाएगी।

साथ ही मणिमहेश यात्रा के लिए एक हजार पुलिस व होमगार्ड जवानों की तैनाती प्रस्तावित है। करियां से धरवाला, धरवाला से खड़ामुख, खड़ामुख से सावनपुर, सावनपुर से पट्टी नाला, पट्टी नाला से हड़सर तथा हड़सर से धनछो सहित गौरीकुंड से डल झील तक जाने वाले विभिन्न मार्गों को सेक्टरों में बांटा गया है।

इस बार वैकल्पिक मार्गों को भी सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में शामिल किया गया है। शनिवार को बैठक के दौरान उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने कहा कि श्रीमणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही, भीड़ प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों द्धारा सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय एवं संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उपमंडलीय मुख्यालय भरमौर में मुख्य संचार नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती, श्रद्धालुओं की निगरानी, भारी वाहनों की नियंत्रित आवाजाही, संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपकरणों एवं मशीनरी की उपलब्धता तथा हड़सर से डल झील तक स्वयंसेवकों की तैनाती को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि इस बार मणिमहेश यात्रा में करीब एक हजार पुलिस व होमगार्ड की तैनाती प्रस्तावित है।

मणिमहेश यात्रा के दौरान सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने को लेकर भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, सहायक आयुक्त मनमोहन सिंह, एसडीएम चिराग शर्मा , डीएसपी बलदेव दत सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्धारा निर्धारित समय एवं मार्ग का पालन करने के साथ-साथ जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

श्रद्धालुओं से प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करने तथा मौसम एवं मार्ग की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने का आग्रह किया है।

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