विधानसभा में शुक्रवार को पूर्व भाजपा सरकार की हिमकेयर योजना को लेकर खूब हंगामा हुआ। प्रश्रकाल से पहले ही भाजपा विधायक दल ने इस मसले को उठाना चाहा, लेकिन अनुमति प्रश्रकाल के बाद मिली।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस योजना के आंकड़े भी सदन में रखे। इस बीच मुख्यमंत्री के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में दावा किया कि हिम केयर योजना के तहत गड़बड़ी के कुछ प्रमाण इंटरनरल ऑडिट में मिले हैं।
इसके बाद ही इसकी विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। ऐसे भी दस्तावेज मिले, जहां मर्दों की ओवेरी यानी अंडाशय के ऑपरेशन के बिल लगे हैं, जबकि यह अंग महिलाओं में होता है।
आंखों के ऑपरेशन में एक्सपायरी डेट के लेंस डाल दिए हैं। सरकार ने अभी सिर्फ आईजीएमसी और टांडा में ही इंटरनल ऑडिट करवाया है। संभावित घोटाला 100 से 110 करोड़ का है।
उन्होंने कहा कि हिमकेयर की जगह, प्रदेशहित में नई स्कीम अच्छी लगती है, तो इसके लिए हिचकिचाहट नहीं। सरकार लोगों को यह सुविधा देना चाहती है।
जब से सरकार ने हिमकेयर की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं, पता नहीं क्यों विपक्ष बौखला गया है। सीएम ने कहा कि मैंने 100 करोड़ के घोटाले की बात कही है। 1100 करोड़ की तो पेमेंट फंसी है।
हिमकेयर योजना में प्राइवेट अस्पतालों को गलत जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि मेडिसिन पर्चेजिंग में करप्शन होगा, तो लिखित में दीजिए, जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सेवा के लिए आए हैं, लूटने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हिमकेयर को बंद करने का औचित्य नहीं है। इसकी जगह कैसी नई योजना लाएं, सरकार इस पर विचार कर रही है।



























