कालेजों को ही अप्रूव करना होगा रजिस्ट्रेशन नंबर, परीक्षा नियंत्रक ने सभी प्रिंसीपल को दिए आदेश

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प्रदेश विवि के तहत आने वाले प्रदेश के 140 कालेज में से कुछ कालेज ऐसे हैं, जहां पर छात्रों को रजिस्ट्रेशन नंबर लेने में दिक्कत आ रही है। कारण यह कि कालेज प्रशासन ने अपने स्तर पर छात्रों को रजिस्ट्रेशन नंबर देने से इनकार किया है और इसके साथ ही जो छात्र माइग्रेशन के लिए भी अप्लाई कर रहा है, तो उसे भी कालेज प्रशासन अप्रूव नहीं कर रहा।

इस समस्या को लेकर लगातार छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में परीक्षा नियंत्रक की ओर से सभी कालेजों को निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी कॉलेज अपने स्तर पर छात्रों की रजिस्ट्रेशन अप्रूव करेंगे, ताकि इससे किसी भी तरह की दिक्कत छात्रों को ना आए।

एचपीयू के पास ऐसा विकल्प नहीं है कि बिना कॉलेज से छात्र की रजिस्ट्रेशन हुए उस प्रोसेस को आगे बढ़ाया जाए। ऐसे में ये जरूरी है कि जिस कॉलेज में छात्र पढ़ाई कर रहा है, उसे वहीं रजिस्टर करना होगा।

हालांकि इसके लिए जो भी नियम तय किए गए हैं उसी के अनुसार छात्रों को कालेज एडमिशन देगा। छात्र को कोई परेशानी आती है, तो उसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा। सभी कालेज को यह कहा गया है कि छात्रों का पूरा रिकॉर्ड देखने के बाद ही उसे रजिस्टर्ड किया जाए।

Only the colleges will have to approve registration number

इसके साथ ही किस कालेज में छात्र में एडमिशन है उसकी मान्यता भी चैक होनी चाहिए। कालेजों में छात्रों की रजिस्ट्रेशन न होने के कई तरह के मामले सामने आए हैं।

इस कारण रोजना छात्रों को विवि के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसे में अब सभी डिग्री कालेज और से संबंध रखने वाले प्रिंसिपल को यह निर्देश जारी किए गए हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के न, तो छात्र परीक्षा में बैठ सकते हैं और न ही उसे संबंधित कॉलेज का छात्र माना जाता है। एक बार अप्लाई करने के बाद छात्र की यूनिवर्सिटी तक पढ़ाई होने पूरी होने तक यह नंबर मान्य होता है।

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