एक हफ्ते में हिमाचल पहुंचेगा मानसून
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि बागबानों और किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में 19 जून तक आंधी, बिजली गिरने और वर्षा की चेतावनी जारी की है, जबकि 18 जून को पांच इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार से फिर मौसम करवट लेगा और 18 जून को वर्षा गतिविधियां सबसे अधिक तेज रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 17 जून को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
20 और 21 जून को मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के अनुसार मानसून की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सामान्य तौर पर मानसून 22 जून के आसपास शिमला पहुंचता है, जबकि 25 जून तक पूरे प्रदेश को कवर कर लेता है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अगले एक सप्ताह के भीतर मानसून की दस्तक की संभावना बनी हुई है।
गोहर में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों में सबसे अधिक 46 एमएम, जोत में 41, कुफरी में 39.6, नगरोटा में 35.6, मुरारी देवी में 31.5, पच्छाद में 24, ओलिंडा में 23.4, शिलारू में 18.8, सुंदरनगर में 17.9, कांगड़ा में 16.4 एमएम बारिश दर्ज की गई।
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
बारिश के दौरान शिमला, जुब्बड़हट्टी, कांगड़ा, सुंदरनगर, कुफरी, जोत और मुरारी देवी में गरज-चमक दर्ज की गई। शिमला, रामपुर, चौपाल, किन्नौर और मंडी के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं। शिमला के ऊपरी इलाकों में ओलावृष्टि से सेब व मटर सहित सब्जियों व फलों को नुकसान पहुंचा है।
