ड्राइंग मास्टर भर्ती में भी गड़बड़, FIR दर्ज, विजिलेंस को जांच में मिले कई आपत्तिजनक साक्ष्य

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शिमला : जेओए आईटी पेपर लीक मामले की जांच में अब ड्राइंग मास्टर की परीक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। विजिलेंस की एसआईटी को ड्राइंग मास्टर परीक्षा में भी कई आपत्तिजनक साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की गई इस परीक्षा के मामले में भी एफआईआर दर्ज की है।

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की गई पोस्ट कोड 980 (ड्राइंग मास्टर) की परीक्षा से संबंधित चल रही पूछताछ के दौरान, एसआईटी द्वारा पर्याप्त आपत्तिजनक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

इनके आधार पर इस मामले की जांच के लिए विजिलेंस थाना हमीरपुर में एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच में गूगल-पे के जरिए हुए हजारों रुपए के लेन-देने की मनी ट्रेल भी विजिलेंस को मिली है।

ड्राइंग मास्टर (980) (पदों की संख्या 314) की रिक्ति पदों को 24 मई, 2022 को पूर्ववर्ती एचपीएसएससी द्वारा अधिसूचित किया गया था। दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 971 उम्मीदवारों को अनंतिम रूप से चुना गया।

सत्यापन 16 से 22 दिसंबर, 2022 के बीच हुआ। गौर हो कि इससे पहले जेओए आईटी पेपर लीक मामले की आरोपी महिला कर्मचारी के घर से विजिलेंस को कुछ परीक्षाओं के प्रश्न पत्र मिले थे।

विजिलेंस ने कर्मचारी चयन आयोग की महिला कर्मचारी सहित आठ आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैंं। पेपर लीक मामले में विजिलेंस ने आठ आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर कर दी है। इसके बाद अब विजिलेंस ने ड्राइंग मास्ट की परीक्षा में गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की है।

विजिलेंस पिछले तीन साल में आयोजित की विभिन्न विभागों की भर्ती की परीक्षाओं की जांच कर रही है। विजिलेंस पता लगा रही है कि आयोग द्वारा आयोजित की गई कौन-कौन सी परीक्षा का पेपर लीक हुआ है।

उधर, एडीजीपी विजिलेंस सतवंत अटवाल का कहना है कि पोस्ट कोड 980 (ड्राइंग मास्टर) की परीक्षा से संबंधित चल रही पूछताछ के दौरान, एसआईटी द्वारा पर्याप्त आपत्तिजनक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

इनके आधार पर इस मामले की जांच के लिए विजिलेंस थाना हमीरपुर में एफआईआर दर्ज करने का फैसला लिया है।

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