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राज्य शिक्षक पुरस्कार चयन के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन

राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 की अंतिम चयन सूची को लेकर कुछ शिक्षकों ने चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं और निर्धारित मानदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस संबंध में शिक्षकों ने राज्यपाल को प्रतिनिधित्व सौंपकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिक्षकों का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद पात्र अभ्यर्थियों के बीच चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचित मानदंडों का पालन न करने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ये ज्ञापन प्रेजेंटेशन अटेंड करने वाले 11 शिक्षकों ने लगाये हैं।

ज्ञापन की प्रति शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को भेजी गई है। इसमें कहा गया है कि सामान्य और विशेष पुरस्कार श्रेणियों के अभ्यर्थियों पर कथित रूप से अलग-अलग मापदंड लागू किए गए। शिक्षकों के अनुसार विशेष पुरस्कार श्रेणी के लिए छह पुरस्कार निर्धारित थे, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों को बाद में विशेष पुरस्कार के पद निर्धारित होने के बाद सामान्य पुरस्कार श्रेणी में विचाराधीन या स्थानांतरित किया गया।

पुरस्कारों की कुल संख्या 31 थी। हालांकि अंतिम चयन में 21 पुरस्कार दिए गए। कुछ श्रेणियों में पात्र शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद उनका चयन नहीं किया गया, जबकि अन्य श्रेणियों में निर्धारित संख्या से अधिक पुरस्कार दिए गए।

विशेष पुरस्कार श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले निम्नलिखित अभ्यर्थियों का चयन सामान्य पुरस्कार श्रेणी में किया गया। सामान्य पुरस्कार तथा अन्य श्रेणियों में योग्य एवं अनुभवी शिक्षक उपलब्ध थे, जिन्होंने अपनी सेवाओं एवं उपलब्धियों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इसके बावजूद उनका चयन नहीं किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि विरेंद्र चौहान को शॉर्टलिस्ट सूची में शामिल न होने के बावजूद चुना गया। जबकि जेबीटी सृष्टि शर्मा को दूसरी बार राज्य शिक्षक पुरस्कार दिया गया। इन तथ्यों की जांच करवाने का आग्रह राज्यपाल से किया गया है।

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