157 साल बाद आया यह उत्सव, हिमाचल के इस क्षेत्र में वर्ष 1866 में हुआ था ऐसा आयोजन

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शिमला: जिला सिरमौर का गिरिपार क्षेत्र पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए भी प्रदेश में जाना जाता है। चाहे खान-पान में हो, चाहे पारंपरिक त्योहार हो, गिरिपार क्षेत्रों में सभी उत्सव मनाए जाते हैं, जिसका उदाहरण देवना गांव में देखने को मिला।

जहां पर प्राचीन विजट महाराज के मंदिर में मंदिर की छत पर खुनेवड स्थापित की गई। इससे पूर्व 1866 में खुनेवड लगाई गई थी। आज मंगलवार को 157 साल के बाद इस प्रकार का बड़ा धार्मिक अनुष्ठान किया गया।

मंत्रोच्चारण व विजट महाराज के जयकारों के साथ मंदिर के छत पर खुनेवड लगाई गई। विजट देवता के गूर ने आवाज देकर अलग-अलग परगने से आए लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।

Khunevad traditional festivals

हजारों की संख्या मे लोगों ने इस धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। इस दौरान क्षेत्र की करीब दर्जनों पंचायतों के अलावा संगडाह राजगढ़, शिलाई के लोगों ने अनुष्ठान में भाग लेकर अपने आराध्य विजट महाराज का आशीर्वाद लिया।

यही नहीं, इस धार्मिक अनुष्ठान में देवना वासियों ने जिला शिमला सिरमौर से 97 गांव के अपने दाईचारे के लोगों को भी आमंत्रित किया था, जिसमें मुख्यता जिला शिमला के लिंगजार गांव से सैकड़ों लोग वाध्य यंत्रो के साथ पहुंचे।

 

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