दोस्तों से दोबारा मिलने का वायदा कर गए थे संधोल के मोहित, 15 दिन पहले ही आए थे गांव

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वायुसेना के मिग 21 विमान हादसे में हिमाचल का बेटा 39 वर्षीय मोहित राणा वीरगति को प्राप्त हुआ है। विंग कमांडर मोहित के माता-पिता मंडी के संधोल के रहने वाले हैं।

जोगिन्दर नगर।। 28 जुलाई वीरवार को राजस्थान के बाड़मेर के भीमड़ा में वायुसेना के मिग 21 विमान हादसे में हिमाचल का बेटा 39 वर्षीय मोहित राणा वीरगति को प्राप्त हुआ है। हादसा बाड़मेर के बायतु थाना क्षेत्र के भीमड़ा गांव में हुआ था। विमान का मलबा इलाके में आधा किलोमीटर दूर तक बिखर गया था।

मृतक पायलटों में संधोल के विंग कमांडर मोहित राणा (39) के अलावा जम्मू के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितिया बल (26) थे। मोहित इस विमान को उड़ा रहे थे।  मोहित के पिता ओम प्रकाश राणा सेना से बतौर कर्नल सेवानिवृत्त हुए हैं। मोहित के माता-पिता मंडी के संधोल के रहने वाले हैं।

 

बेशक, मोहित बाहर ही पला बढ़ा, लेकिन उसका हिमाचल में अपनी जड़ों से खूब लगाव रहा। हादसे के 15 दिन पहले वह परिवार के साथ अपने पैतृक गांव संधोल आए और अपने दोस्तों से दोबारा मिलने का वायदा करके गए, लेकिन अब वह कभी वापस नहीं आएंगे।

मिग 21 हादसे की खबर जैसे ही धर्मपुर में मिली तो क्षेत्र में मातम छा गया। विंग कमांडर के मामा और अन्य रिश्तेदार तुरंत चंडीगढ़ पहुंच गए। शुक्रवार सुबह से पैतृक गांव वाले घर में ताला लटका रहा। कुछ लोग अफसोस जताने आते रहे, लेकिन ताला लटका देख लौट गए।

आस-पड़ोस में सन्नाटा रहा। पूरे गांव में मातम पसरा था। इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए।

बता दें कि मोहित का पूरा परिवार चंडीगढ़ में रहता है। पुश्तैनी घर में उनके दादा के भाइयों के बेटे रहते हैं। मोहित परिवार के साथ कभी कभी संधोल में भी आते जाते थे।

अभी 15 दिन पहले ही मोहित परिवार सहित अपने पुश्तैनी गांव संधोल आए थे। इस दौरान वह धर्मशाला, बैजनाथ, पालमपुर, त्रिवेणी संगम सांढापत्तन सहित कसौली भी घूमे। इनके कुछ रिश्तेदारों ने कहा कि क्या मालूम था कि अपनों के साथ उनकी यह अंतिम मुलाकात है।

अब दोबारा नहीं मिलेगा मोहित: दोस्त

धर्मपुर उपमंडल के संधोल के विंग कंमाडर मोहित राणा मौत से कुछ दिन पहले जब संधोल आए थे तो दोस्तों प्रवीण कुमार, श्यामलाल से मिले थे। इस दौरान उन्होंने दोस्तों से दोबारा आने का वादा किया था।

दोस्तों ने बताया कि मोहित बहुत ही मिलनसार नेक दिल थे। उनका सबके साथ बहुत अच्छा मेल मिलाप था। वह जब भी यहां आते थे तो सभी से मिलकर जाते थे। इस बार करीब दो साल बाद संधोल पहुंचे थे। वह सभी से मिले और खुशी-खुशी वहां से लौट गए।

दोस्तों ने कहा कि जब यह बात उनके रिश्तेदारों व दोस्तों तक पहुंची तो किसी को भी यकीन नहीं हुआ। सभी का दिल अभी भी यह मानने को तैयार नहीं कि अब मोहित कभी संधोल नहीं आएंगे।

शनिवार को चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार

शनिवार सुबह 11 बजे सैन्य सम्मान के साथ चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार होगा। पूरा परिवार अभी ओमेक्स कासिया अपार्टमेंट, न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर में रह रहा है। मोहित 15 दिन पहले ही अपने गांव संधोल आया था और छुट्टियां बिताने और पर्यटन स्थलों में घूमने के बाद ड्यूटी पर लौटा था। मोहित अपने पीछे तीन साल की बेटी हृदया, पत्नी निधि और माता-पिता को छोड़ गए हैं। डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने इसकी पुष्टि की है।

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