फाइव-डे वीक व्यवस्था से बचेंगे 100 करोड़ : मुख्यमंत्री
हिमाचल में फाइव-डे व्यवस्था से राज्य सरकार की हर वर्ष 100 करोड़ रूपयों की बचत होगी। जबकि राजधानी सरीखे प्रदेश के शहरों में ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और पर्यटकों की आवाजाही भी राज्य में और बढ़ेगी।
लिहाजा राज्य सरकार इस मामले को एग्जामिन कर रही है और उसके बाद ही प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। शुक्रवार को राज्य सचिवालय सेवाएं महासंघ के पदाधिकारियों ने फाइव-डे वीक समेत अन्य मुद्दों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ चर्चा की है।
नई व्यवस्था को लेकर सीएम ने मामले का एग्जामिन के बाद ही लागू करने की बात कही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को राज्य सचिवालय सेवाएं महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मियां की अगवाई में मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाकात की है। इस दौरान कर्मचारियों के लंबित डीए और एरियर की मांग को मुख्य रूप से सीएम के समक्ष रखा गया है।
इसके अलावा फाइव-डे वीक और चाइल्ड केयर लीव की मांग भी की गई है। महासंघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मियां ने बताया कि फाइव डे वीक व्यवस्था लागू करने का फायदा केवल प्रदेश के कर्मचारियों को ही नहीं होगा।
इससे प्रदेश सरकार के हर साल 100 करोड़ रुपए की बचत होगी। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में बिजली, पानी और पांच हजार से अधिक गाडिय़ों के ईंधन पर खर्च होने वाली राशि व अन्य खर्चो को जोड़ा जाए, तो यह सालाना 100 करोड़ के बैठता है।
उन्होंने कहा कि सीएम को सौंपे गए पत्र में इन तमाम फायदों का जिक्र किया गया है। राजेंद्र सिंह मियां का कहना है कि वीकेंड में शिमला सरीखे प्रदेश के शहरों में जाम की स्थिति रहती है, जिससे पर्यटक भी आना पसंद नहीं करते है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं पर्यटकों की आमद बढऩे से स्थानीय लोगों को भी रोजगार के लिहाज से फायदा होगा।
साढे नौ से पांच बजे तक ड्यूटी
महासंघ ने सीएम को अवगत करवाया है कि फाइव डे वीक की एवज में कर्मचारी साढ़े नौ से शाम साढ़े पांच या फिर छह बजे तक सेवाएं देने के लिए भी तैयार है।
केंद्र की तर्ज पर कर्मचारियों को दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव और सचिवालय के ट्रेनी क्लर्क के 400 रुपए की मांग पर भी मुख्यमंत्री के साथ सार्थक चर्चा हुई है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने महासंघ की ओर से रखी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर महासंघ के प्रधान विजेंद्र सिंह, मुख्य सलाहकार गीता देवी, सलाहकार ज्योति चौहान व तुलसी राम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिंद्र शर्मा समेत संदीप कुमार व अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
