भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शिमला दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हंै। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर राजधानी शिमला के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा।
राष्ट्रपति के दौरे के लिए शिमला में 1500 के करीब पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति के दौरे के लिए शिमला शहर को छह अलग-अलग सेक्टरों में बांटा जाएगा।
वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को दिक्कत न आए इसके लिए शिमला पुलिस ट्रैफिक प्लान तैयार कर रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 30 अप्रैल को आरट्रैक के कार्यक्रम में जाएंगी।
27 अप्रैल से उसे मई तक वह शिमला में रह सकती हैं। राष्ट्रपति भवन दिल्ली से टेंटेटिव प्रोग्राम आ गया है और इसी अनुसार राज्य सरकार तैयारी में जुट गई है।
डीआईजी अंजुम आरा ने पुलिस अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर तैयारी का जायजा लिया। वहीं, जिला प्रशासन ने इसमें संबंधित विभागों को तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति शिमला दौरे के दौरान मशोबरा स्थित राष्ट्रपति भवन द रिट्रीट में रुकेंगी।
देश के राष्ट्रपति का हर वर्ष ग्रीष्मकाल में शिमला दौरा केवल औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन भी है।
इस परंपरा की जड़ें ब्रिटिश काल से जुड़ी हैं, जब शिमला को भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया था और गर्मियों में पूरा प्रशासन यहां स्थानांतरित हो जाता था।
आज भी इस विरासत को आंशिक रूप से जारी रखते हुए राष्ट्रपति शिमला स्थित अपने आधिकारिक आवास द रिट्रीट में कुछ दिनों के प्रवास पर आती हैं।
दौरे के दौरान राष्ट्रपति विभिन्न प्रशासनिक और औपचारिक गतिविधियों में हिस्सा लेती हैं। इसमें राज्य सरकार के साथ बैठकें, विकास योजनाओं की समीक्षा, और कई बार विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह या अन्य सार्वजनिक कायक्रमों में भागीदारी शामिल होती है।
अभी कुछ ऐसा होगा शेड्यूल
टेंटेटिव शेड्यूल के अनुसार राष्ट्रपति 27 अप्रैल को दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए शिमला पहुंचेंगी। 28 अप्रैल को वह एक उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी, 29 अप्रैल को अटल टनल रोहतांग जाकर बीआरओ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी, 30 अप्रैल को कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी, पहली मई को शिमला में ऐट होम कार्यक्रम होगा और दो मई को राष्ट्रपति दिल्ली लौट जाएंगी।




























