हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में खासकर पंजाब व हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई स्थानों पर एंट्री टैक्स व फास्टैग के मुद्दे को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन का मामला विधानसभा में भी उठा।
विपक्ष की चिंता पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि एंट्री टैक्स के संदर्भ में प्रदेश के साथ लगते पंजाब, हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों के पांच किमी के दायरे में आने वाले लोगों को पास की सुविधा प्रदान की जाएगी। जबकि एंट्री टैक्स का युक्तीकरण किया जाएगा।
सीएम बोले- ज्यादा प्रभाव नहीं
छोटे वाहनों के टैक्स में बहुत मामूली वृद्धि की गई है, जबकि बड़े वाहनों के शुल्क में 130 से 170 रुपये हुआ है। उन्होंने कहा कि फास्टैग लागू होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी हुई है, जिससे लोगों को राशि ज्यादा लगने का भ्रम हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे वाहनों पर इसका कोई विशेष अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
एंट्री टैक्स और फास्टैग पर तीखी बहस
इससे पहले विधानसभा में विपक्षी भाजपा ने एंट्री टैक्स और फास्टैग को लेकर चिंता जाहिर की। प्वाइंट आफ आर्डर के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।
पंजाब के सीएम से बात कर मामला सुलझाएं
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंट्री टैक्स की मौजूदा व्यवस्था से प्रदेश के लोगों को परेशानी हो रही है। पंजाब के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री सुक्खू पंजाब के मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री से बात कर मामला सुलझाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को बार-बार टैक्स देना पड़ रहा है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
भाजपा विधायक ने उठाए सवाल
वहीं, भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने फास्टैग व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली लागू होने के बाद लोगों को टैक्स ज्यादा लगने का एहसास हो रहा है।
साथ ही आशंका जताई कि निजी कंपनियों की तैनाती और नई तकनीक के कारण आगे और समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी राज्यों, खासकर पंजाब में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
सरकार का क्या है तर्क
प्रदेश में एंट्री टैक्स की वसूली को फास्टैग सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि टोल बैरियर पर रुकावट कम हो और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिले। लेकिन नई व्यवस्था के साथ ही लोगों में भ्रम और आशंकाएं सामने आ रही हैं।



























