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डिजिटल तकनीक की ओर बिजली बोर्ड के कदम, 10 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

राज्य में बिजली बोर्ड के विभिन्न सर्किलों में दस लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए है। इनमें बोर्ड के सोलन सर्किल में सबसे अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए है। जबकि शिमला और रामपुर सर्किल में इनकी संख्या अधिक है। आरडीएसएस योजना के तहत प्रदेश में स्मार्ट मीटर स्थापित करने का काम बिजली बोर्ड चरणबद्व तरीके से कर रहा है।

बहरहाल बिजली बोर्ड के डिजिटल तकनीक की ओर से लगातार कदम आगे बढ़ रहे है। बिजली बोर्ड के आंकड़ों के तहत 1029926 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके है। इनमें अब तक सोलन और शिमला समेत रामपुर सर्किल में इसका आंकड़ा सबसे अधिक है।

सोलन सर्किल के तहत आते क्षेत्रों में 2,78,071, शिमला सर्किल में 2,30,453 तथा रामपुर सर्किल में 1,61,961 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। नाहन सर्किल में 1,35,292 और रोहड़ू सर्किल में 72,312 स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं।

कांगड़ा सर्किल में 48,477, मंडी 21,742 और ऊना में 19,622 तथा हमीरपुर में 16,766 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। जबकि बोर्ड के शेष सर्किलों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम भी चरणबद्व तरीके से चला हुआ है।

बता दें कि स्मार्ट मीटर लगाने की मुहिम केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चलाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को अधिक सक्षम, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।

पारंपरिक मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर सीधे केंद्रीय सर्वर से जुड़े होते हैं, जिससे बिजली खपत का डेटा स्वत: उपलब्ध होता है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी मोबाइल एप या अन्य डिजिटल माध्यमों से किसी भी समय देख सकते हैं।

इससे उन्हें यह समझने में आसानी होती है कि किस समय कितनी बिजली खर्च हो रही है और बिजली बचत के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा बिलिंग प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शी रहती है।

चूंकि बिल वास्तविक खपत के आधार पर तैयार होता है और मीटर रीडिंग में मानवीय त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाती है। बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है।

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