धौलाधार की दुर्गम पहाड़ियों में सेना ने रैस्क्यू किए 2 पैराग्लाइडर पायलट

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विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़ बिलिंग से उड़ान भरने वाले 2 पैराग्लाइडर पायलट धौलाधार की दुर्गम जालसु पहाड़ियों में फंस गए। प्रशासन और वायु सेना के हैलीकॉप्टर की मदद से एक सफल रैस्क्यू ऑप्रेशन चलाकर दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

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उड़ान भरने का स्थान बिलिंग घाटी

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते फिलहाल दोनों पायलट खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

मामले की पुष्टि करते हुए एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि ये दोनों पायलट पिछले कई दिनों से घाटी में सोलो पायलट के तौर पर बीड़ बिलिंग से लगातार उड़ान भर रहे थे।

आज को सुबह रोजाना की भांति उन्होंने टेक-ऑफ प्वाइंट से उड़ान भरी, लेकिन रास्ता भटकने के कारण वे जालसु की पहाड़ियों की तरफ चले गए। इसी बीच अचानक मौसम खराब हो गया, जिसके चलते पायलटों को मजबूरन एमरजैंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद एसडीएम संकल्प गौतम ने डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा को मामले की जानकारी दी। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और वायु सेना के हैलीकॉप्टर की सहायता ली।

सहारनपुर एयरबेस से हैलीकॉप्टर ने उड़ान भरी और प्रशासन द्वारा अधिकृत रैस्क्यू टीम के सदस्यों के सहयोग से दोनों पायलटों को सुरक्षित निकालकर बीड़ लैंडिंग साइट पर पहुंचाया गया।

बीड़ पहुंचने के बाद प्रारंभिक उपचार के लिए दोनों पायलटों को विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के अनुसार राजस्थान के रहने वाले पायलट अरुण के हाथ में चोट आई है, जबकि गुजरात के पायलट राजन की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है।

राजन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया गया है। प्रशासन की सक्रियता के चलते समय रहते दोनों पायलटों को बचा लिया गया है।

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