आर्थिक बादलों के बीच बजट की पतंग

शिमला : जयराम सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए वादों का बजट पेश किया है। आर्थिक मंदी के बावजूद मुख्यमंत्री ने अपने तीसरे बजट में दरियादिली दिखाते हुए 49131 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है। इसमें 38429 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्तियां और 39123 करोड़ रुपए का राजस्व व्यय प्रस्तावित है। इसके चलते वित्तीय घाटा 7272 करोड़ रुपए होने की संभावना है। यह घाटा जीएसडीपी का चार प्रतिशत अनुमानित है। बजट में शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक सुरक्षा को तरजीह दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण आर्थिकी के विकास की नई आस इस बजट में दिख रही है। आवास योजना में इस बार गरीबों को पहले के मुकाबले दोगुना घर बनाकर देने की घोषणा की गई है।

स्मार्ट सिटी और शहरी विकास

शहरी विकास और स्मार्ट सिटी के साथ प्रदेश में तीन नई टाउनशिप का संदेश देने वाला जयराम का यह बजट पर्यटन को उम्मीदों के पंख लगा रहा है। हालांकि इसके लिए संसाधन कैसे जुटाए जाएंगे, यानी पैसा कहां से आएगा इसका बजट में कोई जिक्र नहीं है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने झोली खाली होने के बावजूद बड़ा दिल दिखाते हुए सामाजिक सरोकारों का बजट पेश किया है। रिसोर्सिज मोबिलाइजेशन के हिडन एजेंडे वाले इस बजट की प्रस्तुति के पीछे 15वें वित्तायोग की दरियादिली भी दिख रही है। इसके अलावा जयराम सरकार का यह बजट केंद्रीय सहायता और कर्ज का आईना दिखा रहा है। वीरभद्र सरकार की करमुक्त बजट देने की परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने तीसरे बजट में भी कोई नया टैक्स नहीं लगाया है।

25 नई योजनाएँ पेश

हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किए गए इस बजट में कनेक्टिविटी पर फोकस करते हुए 25 नई योजनाओं को पेश किया है। हालांकि बजट में दर्शाई गई अधिकतर योजनाओं के नाम बदलकर इन्हें संशोधित कर तीसरे बजट में प्रस्तुत किया गया है। जाहिर है कि अभी दो साल के बाद विधानसभा के आम चुनाव प्रस्तावित हैं। इस कारण बिना लाग-लपेट के मुख्यमंत्री ने भरोसे व वादे वाला बजट प्रदेश की 70 लाख आबादी के सामने पेश किया है।

तीन हवाई अड्डे

इसमें रोड़ कनेक्टिविटी के अलावा हिमाचल प्रदेश के तीनों हवाई अड्डों का उल्लेख है। पहली बार एयर कनेक्टिविटी के लिए एक हजार करोड़ से ज्यादा बजट का प्रावधान किया गया है। इससे प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हिमाचल को पर्यटन राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। इसके अलावा नई मंजिल-नई राहें ने रोहतांग तथा बिजली महादेव में संभावनाएं तलाशी गई हैं। इस बजट में सबसे बड़ी बात पूर्ण राज्यत्व की 50वीं वर्षगांठ पर गोल्डन जुबली के रूप में मनाने की बात कही गई है। बावजूद इसके बजट में वर्षगांठ के आयोजन को फोकस नहीं किया गया है। 15वें वित्तायोग और केंद्रीय सहायता के सहारे बेशक इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सकता है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जुगाड़बाजी की वित्तीय सहायता से प्रदेश की आर्थिकी कैसे मजबूत होगी।

बढ़ गया वेतन

सिलाई अध्यापिकाओं, मिड-डे मील वर्कर, वाटर कैरियर, आशा कार्यकर्ता, जलगार्ड, पैरा फीटर/पंप ऑपरेटर, पंचायत चौकीदार, आंगनबाड़ी/मिनी आंगनबाड़ी वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका, राजस्व पार्ट टाइम के मानदेय में वृद्धि।

 शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी।

दिहाड़ी 250 रुपए से बढ़ाकर 275 रुपए प्रतिदिन, पार्ट टाईमर की दिहाड़ी भी बढ़ेगी

2017 से पहले के एनपीएस के सेवानिवृत 5500 कर्मचारियों को गे्रच्युटी का लाभ

 अनुबंध कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी

लाभ और भी हैं  व्यक्तिगत समूह दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमा राशि पांच लाख और आंशिक क्षति में दो लाख की गई. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, सिलाई अध्यापिकाएं, वाटर गार्ड, पैराफिटर/पंप ऑपरेटर, पंचायत चौकीदार जैसी श्रेणियों के लिए बीमा योजना

20 हजार नई नौकरियां

एचआरटीसी, बिजली बोर्ड, पुलिस, शिक्षक, पार्टटाइम मल्टी टास्क वर्कर, डाक्टर, पैरा मेडिकल, राजस्व, लोक

निर्माण, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों में 20 हजार पद भरे जाएंगे।

निवेश बढ़ाने पर बल

निजी निवेश को बढ़ाने के लिए एचपी इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन एजेंसी का गठन किया जाएगा, जो निवेशकों को शीघ्र वांछित क्लीयरेंस दिलाएगा। हथकरघा और हस्तशिल्प प्रोत्साहन के लिए 58 करोड़ की परंपरा योजना के तहत हर जिला में क्लस्टर स्थापित होंगे.

ऐसे खर्च होंगे 100 रुपए

वेतन                   26.66 रुपए

पेंशन                   14.79 रुपए

ब्याज अदायगी        10.04 रुपए

ऋण अदायगी         7.29 रुपए

विकास कार्य          41.22 रुपए

50 हजार नए परिवारों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, गरीबों के लिए दस हजार घर

50 हजार नए परिवारों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाया जाएगा। एक लाख 25 हजार विधवा और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाई गई है। बजट में गरीब और अनुसूचित जाति के निर्धन परिवारों के लिए 10 हजार घर बनाने की महत्त्वाकांक्षी योजना प्रस्तावित है।  यह पिछले साल के लक्ष्य का दोगुना है।

पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएं

बजट में 7900 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। जिसमें अनुसूचित जाति योजना के लिए 1990 करोड़ रुपए, जनजाति उपयोजना के लिए 711 करोड़ रुपए तथा पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना के लिए 88 करोड़ रुपए निर्धारित हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में 54 करोड़ की योजनाएं

प्रारंभिक, उच्च तथा कालेज शिक्षा के लिए स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय, स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय और एक्सीलेंस इन कॉलेज योजनाएं शुरू होंगी। इसके लिए बजट प्रावधान 54 करोड़ प्रस्तावित है। योजना का लक्ष्य स्कूलों और कालेजों में बेहतर क्लासरूम, बेहतर शौचालय, पानी व्यवस्था, स्मार्ट क्लास रूम, खेलों/जिम की व्यवस्था करना है।

हर स्कूल को मिलेंगे पूरे शिक्षक

बजट में पर्याप्त अध्यापकों की व्यवस्था की घोषणा है। स्वर्ण जयंती सुपर 100 योजना की शुरूआत होगी। इससे व्यवसायिक कोर्स में प्रदेश के बच्चे बेहतर परफार्म कर पाएंगे। इसके अलावा 50 स्कूलों में गणित प्रयोगशालाएं शुरू करने की योजना है। 106 और स्कूल/कालेज में सीवी रमन वर्चुअल क्लासरूम शुरू करने की घोषणा है।

बच्चों के लिए पौष्टिक आहार पर बल

जयंती पोषाहार योजना’ की बजट में घोषणा की गई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी बच्चों को 30 करोड़ रुपए की लागत से स्वर्ण जयंती बाल टॉप-अप पोषाहार योजना के तहत अतिरिक्त पौष्टिक आहार जैसे फल, दूध दिया जाएगा। प्री-प्राथमिक के बच्चों को भी पौष्टिक मिड-डे मील, ‘स्वस्थ बचपन योजना’  के तहत दिया जाएगा।

515 मेगावाट की नई परियोजनाएं

515 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिसमें 180 मेगावाट की बजोली होली, 24.6 मेगावाट की वांगर होमते और 100 मेगावाट की सोरंग, 111 मेगावाट की सावड़ा कुड्डु और 100 मेगावाट क्षमता की ऊहल शामिल हैं। ये अगले वर्ष चालू कर दी जाएंगी।

किसानों के लिए 20 करोड़ का कृषि कोष

बजट में किसानों, बागवानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है।  इसके तहत फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन के लिए 20 करोड़ रुपए का कृषि कोष स्थापित किया जाएगा। किसानों/ बागवानों/दूध उत्पादकों की क्षमता बढ़ेगी। हींग/केसर की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कमांड एरिया डिवेल्पमेंट का विस्तार करने के साथ हेलनेट स्ट्रक्चर के लिए केयूएसएचवाई योजना शुरू करने की घोषणा है। मधु पालन के लिए सात करोड़ की एनयूपीवाई योजना तो एरोमेटिक प्लांट के लिए ‘महक’ स्कीम शुरू होगी। शिमला के गुम्मा, जरोल टिक्कर और रोहड़ू में सीए स्टोर स्तरोन्नत होंगे। मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा शुरू होगी। दूध के खरीद मूल्य में दो रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा 2000 लोकमित्र केंद्र खोले जाएंगे और जल से जीवन मिशन के अंतर्गत एक लाख नल कनेक्शन दिए जाएंगे।

कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ पर्यटन विकास पर जोर

कांगड़ा-शिमला हवाई अड्डों के विस्तार के लिए शुरू होगा भू-अधिग्रहण

मंडी हवाई अड्डा, हैलिपोर्ट्स बनाने का प्रस्ताव, 1013 करोड़ का बजट

भानुपल्ली-बिलासपुर, चंडीगढ़-बद्दी रेल योजनाओं को दी जाएगी गति

तत्तापानी-सलापड़ के बीच 2020-21 में शुरू की जाएगी वोट सेवा

सोलंग वैली, अटल सुरंग, दक्षिण और उत्तर सिस्सू होंगे नए पर्यटन स्थल

बगलामुखी (मंडी) और नारकंडा-हाटू मंदिर में होगा रोपवेज निर्माण

पीएमजीएसवाई के तहत एक हजार किलोमीटर नई सड़कें बनाने का लक्ष्य

2598 करोड़ से पांवटा साहिब-गुम्मा-फीडस,हमीरपुर-मंडी ग्रीन एनएच

चार विश्व बैंक सड़कों और 49 पंचायतों को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा

स्रोत : दिव्य हिमाचल

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here