अब बरमाणा में मिला सिर और पंजे के बगैर तेंदुए का शव

तेंदुए का शव पोस्टमार्टम करने के बाद पता चला कि मादा तेंदुए को बंदूक़ की गोली से मारा गया है। चूँकि तेंदुए को 20 दिन पहले मारा गया है, कीड़े इसके शरीर को क्षत-विक्षत कर चुके हैं।

सांकेतिक फोटो; मार्च महीने में ऐसे ही एक मामले में तेंदुए की सिर और पैरों से रहित लाश लड-भड़ोल तहसील के खजूर गाँव में मिली थी

अब, जिला बिलासपुर के कुननू गांव में मादा तेंदुए को मारकर उसका सिर और पंजे काटकर ले जाने का मामला सामने आया है। तेंदुए को करीब 20 दिन पहले मारा गया है। इस बात का पता तब चला, जब बच्चों ने एसीसी डेंजर जोन वाले इलाके में मृत तेंदुए के होने की बात कही।

लोगों ने इसकी सूचना पंजगाईं पंचायत प्रधान सुशील शर्मा को दी। उन्होंने वन खंड अधिकारी सतपाल को घटना के बारे में बताया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि तेंदुए का सिर और पंजे गायब थे। इसके बाद बरमाणा थाना में सूचना दी गई। वन विभाग और पुलिस की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।

तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद पता चला है कि मादा तेंदुए को बंदूक़ की गोली से मारा गया है। चूँकि तेंदुए को 20 दिन पहले मारा गया है, कीड़े तेंदुए का शव क्षत-विक्षत कर चुके हैं। मादा तेंदुए की उम्र लगभग 15 महीने बताई गयी है।

एसआई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की छानबीन शुरू की जाएगी।

मार्च महीने में बिलक़ुल ऐसा ही मामला लड-भड़ोल के खजूर गाँव में सामने आया था जब तस्कर तेंदुए का सिर और पंजे काट कर ले गये थे। इससे भी कुछ दिन ऐसा ही मामला सिरमौर जिले में पेश आया था।

पहले वन-विभाग और पुलिस ने जाँच करने और दोषियों को न बख्श्ने की रटी-रटाई बात कही थी लेकिन जाँच के नाम पर  कुछ नहीं हुआ दोषियों को पकड़ना तो बहुत दूर की बात है, लिहाज़ा नया मामला सामने आया है। ज़ाहिर है कि घिनौने तस्करों और शिकारियों के हौसले बढ़े हुए हैं और वे पूरे हिमाचल में तेंदुए का शिकार कर रहे हैं।

पंगु हो चुका वन-विभाग वन-सम्पदा की रक्षा में पहले से ही असफल रहा है, ऐसे में उससे शिकारियों को पकड़ने की आशा करना व्यर्थ ही लगता है। शिकारी, कभी हिमाचल के जंगल की शान रहे तेंदुए का सफ़ाया हिमाचल के जंगलों से  लगभग कर चुके है और सरकारें आँखें मूँदे पड़ी है।

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