हिमाचल में सड़क-पॉवर प्रोजेक्ट निर्माण का रास्ता साफ

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केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश के 13 मामलों को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इनमें सडक़ों, पॉवर प्रोजेक्ट, बस स्टैंड व सीवरेज समेत अन्यों से जुड़े मामले शामिल है।

जरूरी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद अब वन विभाग मामलों को फॉरेस्ट कंजरवेशन एक्ट के तहत दूसरे चरण की मंजूरी के लिए भेजेगा। जानकारी के अनुसार वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदेश से जुड़े 13 मामलों को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी हाल ही में प्रदान की है।

इनमें वनमंडल नाहन के तहत सैनवाला से बोगियाड़ा चरुणवाला-कोटला, शिमला वनमंडल का लिंक रोड मंधोघाट से गोलन, चौपाल का थाचली सयाल रोड, चंबा का गुवाड़ी से शिंड मोटर योग्य रोड शामिल है।

साथ ही आनी वनमंडल के तहत लुहड़ी में हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा बनाया जाने वाला बस स्टैंड और धर्मशाला वन मंडल में कांगड़ा के जलशक्ति विभाग द्वारा तालपुरा में बनाए जाने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मंजूरी प्रदान की है।

इसी तरह राजधानी शिमला में हिमाचल नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ब्वॉयज व गल्र्ज होस्टल और ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण करने के लिए भी मंत्रालय ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

मंत्रालय ने सराज वन मंडल के तहत बंजार कस्बे में बनने वाली सीवरेज योजना और आनी वन मंडल में पुलिस विभाग द्वारा पुलिस स्टेशन बरोह छाती के निर्माण के लिए एफसीए की स्वीकृति दी है।

इसके अलावा केंद्र ने पार्वती फॉरेस्ट डिवीजन के अंतर्गत पर्यटन विभाग द्वारा हाथीथान भुंतर में रास्ते के किनारे सुविधाएं प्रदान करने हेतु अप्रूवल दी है।

इन परियोजनाओं को भी मंजूरी

किन्नौर वनमंडल के तहत 20 मेगावाट की रौड़ा-दो जल विद्युत परियोजना के लिए भी एफसीए की स्वीकृति मिली है। साथ ही केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सोलन वन मंडल के तहत रास्ते के किनारे सुविधाओं हेतु लैंड डाइवर्जन तथा पार्वती डिवीजन में माइनिंग क्वायरी हेतु मंजूरी दी गई है।

वहीं, चौपाल में सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन द्वारा बनाए जाने वाले एलपीजी गोदाम हेतु भी अपनी सैद्धांतिक मंजूरी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने दी है। उधर, प्रिंसीपल कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट डा. संजय सूद ने इसकी पुष्टि की है।

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