पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के सभी 5100 से अधिक राशन डिपुओं में अब साढ़े 19 लाख के करीब परिवारों को फेस आंथेटिकेशन व आई स्कैनिंग से राशन प्रदान किया जाएगा।
राज्य के डिपुओं में जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई अत्याधुनिक पॉस मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिसमें उपभोक्ता को अब बायोमीट्रिक फिगंर प्रिंट व ओटीपी के झमेले से भी नहीं जूझना पड़ेगा, इसमें परिवार के किसी भी सदस्य के फेस आंथेटिकेशन व आई स्कैनिंग से राशन मिलेगा। इसके लिए प्रदेश भर में पहले ही राशन कार्ड के तहत शामिल सभी सदस्यों की ई-केवाईसी करवा ली गई है।
साथ ही हर उपभोक्ता के राशन के डिजिटल बिल का प्रिंट भी उपलब्ध करवाया जाएगा। अब खाद्य आपूर्ति निदेशालय शिमला हिमाचल प्रदेश की ओर से जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तिय वर्ष से नई मशीनें उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 5100 से अधिक डिपुओं में अत्याधुनिक नई पॉस मशीनों से राशन मिलेगा।
टेंडर की प्रकियाएं तेज
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय शिमला के डायरेक्टर आरके गौतम ने बताया कि डिपो में पुरानी पॉस मशीनों की बजाय नई मशीनें वितरित की जाएंगी। इसके लिए अब टेंडर की फाइनल प्रक्रियाएं चल रही हैं, जिससे अधिक पारदर्शिता व सुविधाजनक तरीके से उपभोक्ताओं को राशन मिल पाएगा।
प्रदेश में साढ़े 19 लाख राशनकार्ड धारक
प्रदेश में वर्तमान में कुल 19 लाख 60 हजार से अधिक राशनकार्ड धारक हैं। उक्त राशन कार्डधारकों को प्रदेश के 5100 के करीब उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से अंतोदय, बीपीएल व पीएचएच परिवारों को मुफ्त व कम दामों सहित एपीएल व अन्य को बाजार से कम मूल्यों में सबसिडी अधारित सस्ता राशन प्रदान किया जाता है। अब खाद्य आपूर्ति विभाग हिमाचल प्रदेश शिमला की ओर से इस वित्तिय वर्ष से डिपुओं में बदलाव किया जाएगा।



























