कंपनी की लापरवाही लोगों पर पड़ रही भारी, कीचड़ से हालत बेहद खराब

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पद्धर से मंडी तक का सफर आम जनता के लिए नर्क बन गया है। वाहन चालक, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और राहगीर सभी गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

कंपनी की लापरवाही लोगों पर पड़ रही भारी

प्रतिदिन महेड़, द्रंग, मलोग, पाली, माणा, कुन्नू व मोहड़ धार में लोग घंटों तक भारी जाम में फंस रहे। स्थिति इतनी भयावह है कि कई स्कूली बच्चे सुबह 11 बजे तक स्कूल पहुंच पा रहे हैं।

ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी, शिक्षक वर्ग तथा आपात सेवाओं से जुड़े लोग भी समय पर गंतव्य तक नहीं पहुँच पा रहे। मंगलवार को मार्ग लगभग 6 से 7 घंटे बंद रहा।

गाडिय़ां रेंग-रेंग कर चलीं, जबकि कंपनी की मशीनों से वाहनों को खींचकर शाम तक निकाला गया। इस दौरान पद्धर एसडीएम सुरजीत सिंह ने स्वयं मार्ग को खुलवाने और स्थिति का जायजा लेने के लिए तीन घंटे तक मौके पर तैनात रहे। उन्होंने एनएचएआई के प्रमुख को भी कंपनी के खिलाफ कड़े दिशानिर्देश जारी करने के आदेश दिए।

वहीं फोरलेन समन्वय समिति के सचिव महेंद्र गुलेरिया ने गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी की घोर लापरवाही और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है।

उन्होंने कहा कि समिति द्वारा बार-बार स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई से सुधार की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी कंपनी को सख्त निर्देश देने से बच रहे हैं। जाम लगने पर कंपनी के कर्मचारी और लेबर काम छोडक़र भाग जाते हैं।

गुलेरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र हालात सुधारने के लिए प्रशासन और एनएचएआई सख्त आदेश जारी नहीं करते तो फोरलेन समन्वय समिति कंपनी और प्रशासन के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेगी। साथ ही अनिश्चितकालीन आंदोलन का निर्णय भी ले सकती है।

ऐसी स्थिति में समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और एनएचएआई की होगी। समिति ने प्रशासन से जनहित में तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि आम जनता को रोजाना की इस यातना से राहत मिल सके।

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