मुख्यमंत्री ने इंदिरा के बलिदान और पटेल के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प दिवस मनाया गया। उन्होंने भारत के लौह पुरुष एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उन्होंने कहा कि इन दोनों महान नेताओं ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने में अतुलनीय योगदान दिया है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई। इस अवसर पर रक्त दान शिविर का आयोजन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी एक असाधारण व्यक्तित्व की धनी नेता थीं, जो अपने साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़े निर्णय लेने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व ने भारतीय इतिहास में एक निर्णायक अध्याय जोड़ा। इस युद्ध के परिणामस्वरूप बांग्लादेश का उदय हुआ और उपमहाद्वीप के भू-राजनीतिक परिदृश्य में महत्त्वपूर्ण बदलाव आया।
उन्होंने कहा कि देश के समक्ष विकास और सुरक्षा से जुड़ी अनेक चुनौतियां होने के बावजूद इंदिरा गांधी द्वारा लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय उनकी असाधारण राजनीतिक दूरदर्शिता और सशक्त नेतृत्व का परिचायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। इनमें बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पूर्व रियासतों के शासकों के प्रिवी पर्स की समाप्ति तथा वर्ष 1971 में भूमि स्वामित्व सीमा संबंधी उपायों का कार्यान्वयन प्रमुख हैं।
इन निर्णयों का उद्देश्य आर्थिक असमानताओं को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र को सुदृढ़ करना तथा विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाना था।
सीएम सुक्खू ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति इंदिरा गांधी की प्रतिबद्धता उनके सर्वोच्च बलिदान में भी परिलक्षित होती है। उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात सैकड़ों रियासतों का भारतीय संघ में विलय करवाने में उनकी निर्णायक भूमिका के कारण उन्हें लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है।
अनेक चुनौतियों और विरोध के बावजूद सरदार पटेल ने अपनी असाधारण प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक दृढ़ता का परिचय देते हुए हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ के साथ एकजुट करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने एक सशक्त और एकीकृत भारत की नींव रखने में अहम योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदैव संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त करने के लिए कार्य किया है।
संविधान और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार ने प्रत्येक नागरिक को सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से परे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को देश का नेतृत्व करने के समान अवसर उपलब्ध करवाए हैं।
सीएम सुक्खू ने कहा कि मतदान का अधिकार स्वतंत्रता के बाद देश की सबसे महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है और इसकी हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतों में हेराफेरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप गंभीर विषय हैं, जिनकी पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन मुद्दों को उठा रही है और चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के किसी भी कथित प्रयास के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज करवा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों एवं आकांक्षाओं की रक्षा के लिए इसकी सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं की विरासत हमें राष्ट्रीय एकता बनाए रखने, लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सम्मान करने तथा सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।








