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अब ऑफलाइन होंगे 5 लाख तक के काम के टेंडर

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की बहाली के काम अब तेजी से करवाए जा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग ने आपदा से जुड़े छोटे बहाली कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया में बड़ी छूट दी है।

पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए)-2025 के तहत मंजूर पांच लाख रुपए तक लागत वाले कार्यों को ऑफलाइन टेंडर के जरिए करवाने की अनुमति दे दी गई है।

खास बात यह है कि ऐसे कार्यों के लिए प्रेस नोटिस जारी करने की भी जरूरत नहीं होगी। लोक निर्माण विभाग के अभियंता-प्रमुख ने मंगलवार को सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं को आदेश की प्रति भेजकर तत्काल अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।

सरकार का यह फैसला आपदा से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की जल्द बहाली के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की और से जारी नोटिफिकेशन में साफ किया है कि ऑफलाइन टेंडर की यह छूट हर तरह के काम के लिए नहीं होगी।

इसका लाभ उन्हीं कार्यों को मिलेगा, जो तात्कालिक प्रकृति के हों और सार्वजनिक सुरक्षा तथा बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए जरूरी हों। यानी ऐसी सडक़, पुल या अन्य संबंधित संरचना, जिसकी क्षति के कारण लोगों की आवाजाही या सुरक्षा प्रभावित हो रही है, उसकी मरम्मत और बहाली के काम को निर्धारित प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

निर्माण और बहाली कार्यों को मिलेगी रफ्तार
वर्तमान व्यवस्था के तहत निर्माण और बहाली कार्यों में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इससे छोटे, लेकिन जरूरी कामों को शुरू करने में समय लग सकता है।

अब पीडीएनए-2025 के तहत पांच लाख रुपए तक के कार्यों के लिए ऑफलाइन टेंडर की अनुमति मिलने से विभागीय स्तर पर प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज हो सकेगी। इसके लिए अलग से प्रेस नोटिस जारी करने की बाध्यता भी नहीं रहेगी।

सरकार ने छूट देते हुए एक अहम शर्त भी रखी है। मूल स्वीकृत कार्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर इस सुविधा का लाभ नहीं लिया जा सकेगा। यानी यदि किसी मूल कार्य की लागत पांच लाख रुपए से अधिक है तो उसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर पांच लाख रुपए या उससे कम दिखाने की अनुमति नहीं होगी। ऑफलाइन टेंडर की सुविधा केवल उन कार्यों पर लागू होगी, जो वास्तव में निर्धारित सीमा के भीतर आते हैं।

लोक निर्माण विभाग को रखना होगा काम का रिकॉर्ड
विभाग को यह रिकॉर्ड रखना होगा कि संबंधित काम आपदा से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली से जुड़ा है और उसकी प्रकृति तत्काल तथा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरूरी है।

अधिसूचना में कहा गया है कि ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। बहरहाल सरकार की और से दी इस छूट से वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के छोटे तथा अत्यावश्यक बहाली कार्यों को शुरू करने में आने वाली टेंडर संबंधी देरी कम होने की उम्मीद है।

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