हिमाचल के डिपुओं में अब क्यू आर कोड से मिलेगा राशन
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश के करीब 19.5 लाख राशन कार्डधारकों के लिए क्यूआर कोड आधारित राशन वितरण प्रणाली शुरू कर दी है।
पिछले कुछ दिनों से आधार प्रमाणीकरण सेवाओं में तकनीकी खराबी और लगातार सर्वर डाउन रहने के कारण ई-पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण प्रभावित हो रहा था। इससे उपभोक्ताओं को घंटों तक राशन डिपो में इंतजार करना पड़ता था और कई बार बिना राशन लिए ही लौटना पड़ता था।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण सेवाओं में आई तकनीकी बाधा के कारण ई-पॉस मशीनों के जरिए आधार आधारित राशन वितरण अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है।
इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है और आधार सेवाओं को जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
इस बीच पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभाग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ई-पॉस मशीनों में उपलब्ध क्यूआर कोड आधारित राशन वितरण सुविधा को सक्रिय कर दिया है।
अब उपभोक्ता ओटीपी का इंतजार किए बिना क्यूआर कोड के माध्यम से अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकेंगे। विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपनी निर्धारित उचित मूल्य की दुकान से पहले की तरह नियमित रूप से राशन प्राप्त करें।
गौरतलब है कि पहले राशन वितरण के दौरान आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आने के बाद ही खाद्यान्न दिया जाता था। नेटवर्क और सर्वर संबंधी दिक्कतों के कारण यह प्रक्रिया कई बार बाधित हो जाती थी।
नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को इस परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में वर्तमान में 5,078 उचित मूल्य की राशन दुकानें संचालित हैं।
इनके माध्यम से 19.48 लाख राशन कार्डधारकों और लगभग 74.26 लाख लाभार्थियों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का मानना है कि क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से राशन वितरण अधिक सुचारु और सुविधाजनक होगा।
