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यातायात के लिए पूरी तरह से बहाल हुआ नारला-मंडी सुपर हाई-वे

नारला से मंडी तक 19 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित सुपर हाई-वे को बुधवार को वाहनों की आवाजाही के लिए पूर्ण रूप से बहाल कर दिया गया।

बुधवार सुबह 11 बजे एनएचएआई के अधीन निर्माण कर रही गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मैगल और महेड़ के पास डायवर्जन प्वाइंट पर लगाए वेरिगेटेड बैरियर हटाकर मार्ग खोल दिया।

इससे वाहन चालकों और यात्रियों को दिनों के इंतजार के बाद बड़ी राहत मिली है। इस सुपर हाई-वे का निर्माण सितंबर 2023 में शुरू हुआ था। नए मार्ग बनने से पद्धर और मंडी के बीच की दूरी घटकर 19 किलोमीटर रह गई है।

पहले यह सफर डेढ़ घंटे में तय होता था, जबकि अब बिना रुकावट पद्धर से मंडी का सफर लगभग आधे घंटे में पूरा हो सकेगा। रिपोर्ट के अनुसार इस मार्ग पर यात्रा समय 20 से 25 मिनट के बीच रहने की संभावना है।

मैगल डायवर्जन प्वाइंट के पास पिछले तीन महीनों से रोजाना बन रहे जाम से लोगों को भी निजात मिली है। हालांकि, फोरलेन समन्वय समिति के सचिव महेंद्र गुलेरिया ने बताया कि कुछ स्थानों पर मेंटेनेंस कार्य अभी भी चल रहा हैए इसलिए यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सफर करना चाहिए।

परियोजना की मुख्य बातें
नारला-मंडी सुपर हाई-वे 19 किलोमीटर लंबा है और यह पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस परियोजना में 19 बड़े और लगभग 50 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है।

मेहड़ से मैगल तक लगभग 5 किलोमीटर हिस्सा नई ट्रेस पर बनाया गया है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग का अधिकांश हिस्सा नए निर्माण में समा गया है, जिससे पुराने मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगभग समाप्त हो गई है।

निर्माण के बाद नए नियम
हाई-वे के निर्माण के दौरान मार्ग किनारे के कई व्यापारिक संस्थान और बस्तियां प्रभावित हुई हैं। हाइवे किनारे नए निर्माण के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) अधिनियम के तहत मंजूरी आवश्यक होगी।

पहले केंद्र रेखा से 7.5 मीटर दूरी पर निर्माण की मंजूरी दी जाती थी, लेकिन नई दिशा-निर्देशों के अनुसार आवासीय प्रयोजन के लिए 45 मीटर तथा वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए 75 मीटर की दूरी निर्धारित की गई है।

प्रशासन और एनएचएआई ने कानूनी दायरे से बाहर बने निर्माणों के संबंध में नोटिस जारी कर दिए हैं। अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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