7 जिलों में धुंध का अलर्ट; वाहन चालकों से अपील, घने कोहरे में सावधानी पूर्वक चलाएं गाडिय़ां

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शिमला : मौसम विभाग ने धुंध को लेकर प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान वाहन चालकों को सावधानी से चलने की नसीहत दी गई है। साथ ही तीव्र गति से वाहन चलाने पर हादसे होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने सात जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के स्थानीय प्रशासन को लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया है।

मौसम विभाग ने मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, सिरमौर के पावंटा साहिब और धौलाकुआं सहित सोलन के बद्दी-नालागढ़ में धुंध की आशंका जताई है।

इन सभी जिलों में सुबह के समय ज्यादा धुंध बनी रहेगी। दिन के समय मौसम साफ बना रहेगा। मौसम विभाग ने इस अलर्ट के साथ ही सभी जिला प्रशासन को यातायात को नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की इस चेतावनी का असर हिमाचल में दाखिल हो रहे पर्यटकों पर भी पड़ सकता है। प्रदेश में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए नए साल का जश्न मनाने के लिए साढ़े पांच लाख पर्यटक अलग-अलग जगहों पर पहुंचे हैं और यह सिलसिला अभी भी जारी है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद अब नेशनल हाई-वे और राज्य उच्च मार्ग पर निगरानी भी बढ़ जाएगी, ताकि हादसों को रोका जा सके। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे से प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। प्रदेश में तापमान तेजी से कम हो रहा है।

Fog alert in 7 districts himachal

बागबानों की चिंता बढ़ा रही बर्फबारी

जनवरी में बर्फबारी न होने की वजह से अब बागबान भी चिंतित हैं। दरअसल, सेब की बढिय़ा पैदावार के लिए शून्य डिग्री तापमान की जरूरत रहती है।

सीजन में करीब 1200 से 1500 घंटे शून्य डिग्री तापमान की जरूरत रहती है। ऐसे में जनवरी और फरवरी महीने की शुरुआत तक यह चिलिंग ऑवर पूरे नहीं होते है, तो इसका असर सेब कारोबार पर भी पड़ेगा।

कुकुम्सेरी में ठंड से पानी की पाइपें जाम

कल्पा और कुकुम्सेरी में पारा माइनस में चल रहा है। यहां पानी की पाइपें जाम हो गई है। कुकुम्सेरी में माइनस 8.2, समदो माइनस 4.2, कल्पा माइनस 1.2, मंडी 2.1, सोलन 2.6, चंबा में 3.9, शिमला 4.6, नाहन 6.5, पावंटा 19 डिग्री सेल्सियस

प्रदेश में शुष्क बना मौसम

मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद नए साल का आगाज बर्फबारी के साथ नहीं हो पाया है। विभाग ने 30 दिसंबर से प्रदेश में मौसम खराब होने की बात कही थी और पश्चिम विक्षोभ की वजह से यह हलचल होने की संभावना थी, लेकिन विभाग का आकलन पूरी तरह से सटीक नहीं रहा।

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