कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण ने पकड़ी रफ्तार, 400 परिवारों को इसी हफ्ते मिलेगा मुआवजा

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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के कायाकल्प की पटकथा लिखी जा चुकी है। सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्त्वपूर्ण कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण ने अब रफ्तार पकड़ ली है।

भूमि अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया को पार करने के बाद सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनर्विस्थापन (आर एंड आर) की योजना पर मुहर लगा दी है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इसी महीने से राहत का पहला चरण जमीन पर उतर जाएगा, जिससे सालों से संशय में जी रहे प्रभावितों को नई राह मिलेगी।

एयरपोर्ट विस्तार का दायरा शाहपुर और कांगड़ा विधानसभा क्षेत्रों तक फैला है, जिसकी जद में कुल 14 राजस्व गांव आ रहे हैं। पहले चरण में प्रशासन रछियालु गांव के लगभग 400 परिवारों को कवर करेगा।

प्रशासन के अुनसार रछियालू गांव के 400 परिवारों के आर एंड आर अवार्ड तैयार कर उन्हें इसी सप्ताह राशि वितरण का कार्य शुरू हो जाएगा।

इस परियोजना के लिए करीब 150 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। वर्तमान में महज 1376 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3010 मीटर किया जाएगा, जिससे यहां बड़े और आधुनिक विमान सीधे लैंड कर सकेंगे।

पुनर्वास पैकेज के तहत प्रभावितों को जमीन और घर के लिए नकद सहायता दी जाएगी। विस्थापितों के दर्द को कम करने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत आर एंड आर प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रत्येक विस्थापित परिवार को अपना आशियाना बनाने के लिए 153.6 वर्ग मीटर (लगभग 8 मरला) भूमि दी जाएगी।

इसके अलावा नया घर बनाने के लिए सरकार तीन लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इतना ही नहीं, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मकान की रजिस्ट्री पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होगी। मुफ्त पंजीकरण करने के लिए स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री का खर्च परियोजना प्राधिकरण उठाएगा।

37 लाख का भी ऑफर

प्रशासन ने उन परिवारों के लिए एक लचीला विकल्प भी रखा है, जो आबंटित भूमि या अन्य लाभ नहीं लेना चाहते हैं। यदि कोई परिवार सरकारी पुनर्वास पैकेज के बजाय खुद की व्यवस्था करना चाहता है, तो उसे 37 लाख रुपए की एकमुश्त राशि दी जाएगी। हालांकि इस राशि को लेने के बाद परिवार किसी अन्य लाभ का हकदार नहीं होगा।

पारदर्शिता ही प्राथमिकता

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र परिवार मुआवजे या पुनर्वास के लाभ से वंचित न रहे। सभी को उनके अधिकारों के अनुसार सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाएगा।

पर्यटन को लगेंगे पंख

इस विस्तार को केवल एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था के गेम चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि धर्मशाला और मकलोडगंज जैसे वैश्विक पर्यटन केंद्रों तक पहुंच आसान होगी। बड़े विमानों के आने से निवेश और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे। युवाओं को रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

  • कांगड़ा, शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव होंगे प्रभावित
  • एयरपोर्ट विस्तार की जद में आ रहे 14 राजस्व गांव
  • परियोजना के लिए 150 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
  • हर विस्थापित परिवार को मिलेगी आठ मरला भूमि
  • नया घर बनाने के लिए सरकार देगी तीन लाख रुपए
  • पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन योजना से मिलेगी राहत
  • योजना के पहले चरण में कवर होगा रछियालू गांव

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