होम क्वारनटाईन तोड़ने पर कार्यवाही,निगरानी अधिकारियों की जिम्मेवारी तय

शिमला : लॉक डाउन के दौरान होम क्वारनटाईन तोड़ने वालों पर कार्यवाही की जा रही है. वहीँ निगरानी करने वाले अधिकारियों पर भी इस बारे सूचना न देना भी भारी पड़ सकता है. बाहरी प्रदेशों से हिमाचल में आ रहे लोगों के कारण हालात खराब न हों इसलिए प्रदेश सरकार ने गुरुवाव को कड़े फैसले लिए हैं. होम क्वारनटाईन तोड़ने वालों पर क़ानूनी कार्यवाही तो होगी ही साथ में उसे होम से संस्थागत क्वारनटाईन भी किया जाएगा.बाहरी प्रदेशों से आने वालों का पंजीकरण अब स्थानीय नगर निकाय और पंचायत में करवाना अनिवार्य होगा.

जनप्रतिनिधियों पर होगी कार्यवाही

लॉक डाउन के दौरान क्वारनटाईन तोड़ने वालों की सूचना न देने पर नगर निगम,नगर परिषद,नगर पंचायत के अध्यक्ष,पार्षदों और पंचायत प्रधान,और वार्ड सदस्यों की कुर्सी भी जा सकती है. होम क्वारनटाईन तोड़ने वालों पर क़ानूनी कार्यवाही तो होगी ही साथ में उसे होम से संस्थागत क्वारनटाईन भी किया जाएगा.

पंचायत में करवाना होगा पंजीकरण

इसके साथ ही बाहरी प्रदेशों से आने वालों का पंजीकरण अब स्थानीय नगर निकाय और पंचायत में करवाना अनिवार्य होगा.जन  क्वारनटाईन तोड़ने पर हेल्थ वर्कर और आशा वर्कर को सूचना देंगे. सूचना न देने पर जन प्रतिनिधियों के खिलाफ पंचायती राज एक्ट की और एचपी नगर निकाय एक्ट की धारा 273 के तहत कार्यवाही होगी.

सचिव और सहायक सचिव नोडल अधिकारी

सरकार ने पंचायत सचिव और पंचायत सहायक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जबकि शहरी क्षेत्रों में उपमंडलाधिकारी वार्ड नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे. बाहरी प्रदेशों से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य कर्मी और आशा कर्मी घर-घर जाकर चेक करेंगे.

सरकारी खर्चे पर हो सकते हैं क्वारनटाईन

यह कर्मी देखेंगे कि अगर घरों में होम क्वारनटाईन के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है तो उन्हें सरकारी क्वारनटाईन केन्द्रों में रखा जाएगा,वहीँ सरकारी खर्चे पर इनके खाने का इंतजाम होगा.

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