सौर ऊर्जा से तैयार करेंगे 200 मेगावाट बिजली, बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने उठाया कदम

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हिमाचल सरकार सर्दियों में बिजली की किल्लत को सौर ऊर्जा से दूर करेगी। इसके लिए अक्तूबर महीने तक 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य पूरा होने के बाद सर्दियों के दौरान बोर्ड को पड़ोसी राज्यों से बिजली की खरीद नहीं करनी पड़ेगी।

इस कदम को उठाने के बाद बिजली बोर्ड को भारी-भरकम घाटे से भी निजात मिल जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कही है। उन्होंने कहा कि सर्दियों में तीन से चार महीने तक हिमाचल में बिजली का उत्पादन कम हो जाता है। ऐसे में पूर्ति के लिए बोर्ड को पड़ोसी राज्यों पर निर्भर होना पड़ता है।

अक्तूबर के बाद प्रदेश में करीब सात रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली की खरीद होती है और इस बिजली को भारी-भरकम सबसिडी देने के बाद बिजली बोर्ड उपभोक्ताओं तक पहुंचाता है, लेकिन इस बार राज्य सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है, ताकि सर्दियों में महंगी बिजली न खरीदनी पड़े।

200 MW of electricity will be generated from solar energy

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व बढ़ाना चाहती है और इसमें सौर ऊर्जा सबसे मददगार साबित होगा।

यह पहली मर्तबा है जब अक्तूबर में बिजली प्रोजेक्ट में पानी की कमी की वजह से उत्पादन कम होगा तो सौर ऊर्जा के माध्यम से सरकार इस कमी को पूरा करने की कोशिश करेगी।

इस साल यह शुरुआत 200 मेगावाट से होगी। भविष्य में इसे और अधिक बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही वजह है, जो उनके मंत्री रात से अढ़ाई बजे तक भी काम रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की सेवा की बात आएगी तो वे सुबह चार बजे तक भी जागने को तैयार हैं।

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