नाबार्ड से 161 करोड़ रुपए की सड़कें मंजूर

शिमला : नाबार्ड ने हिमाचल प्रदेश के लिए 161.35 करोड़ की राशि मंजूर कर दी है। यह राशि 44 परियोजनाओं के निर्माण के लिए होगी, जिनको स्वीकृति दे दी गई है। इनमें 39 सड़क परियोजनाएं और  पांच पुल परियोजनाएं शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के पक्ष में स्वीकृत की गई इन परियोजनाओं में 143.13 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण, 60.68 किलोमीटर सड़कों का स्तरोन्नयन और मैटलिंग-टायरिंग और पांच पुलों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत सड़क व पुल की परियोजनाएं मंजूर करने के लिए नाबार्ड का आभार व्यक्त किया है।

नाबार्ड निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा प्रदान करने में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेषकर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए नाबार्ड का महत्त्व और भी बढ़ जाता है, जहां सड़कें यातायात का माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने परियोजनाएं तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बधाई देते हुए तुरंत निविदाएं आमंत्रित करने और इन परियोजनाओं पर कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि विभाग इन परियोजनाओं पर प्रभावी रूप से कार्य करेगा।

ढील बर्दाश्त नहीं : सीएम

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि फोरलेन परियोजना के कार्यों को हल्के में लेने वाले अफसरों पर सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी। उनका कहना था कि फोरलेन परियोजनाओं के निष्पादन में किसी भी प्रकार का ढीलापन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी के बावजूद न सुधरने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। फोरलेन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने शिमला-मटौर, पठानकोट-चक्की-मंडी, कैंची मोड़-नेरचौक और कैथलीघाट-ढली सड़क परियोजनाओं का विशेष जिक्र किया। उन्होंने सड़क परियोजनाओं का समुचित रखरखाव करने के आदेश दिए। उन्होंने राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को निर्देश दिए कि कांगू से 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के टावर अविलंब बजौरा को बदले जाएं।

धीमी गति से चल रहे कार्य पर जताई चिंता

मैसर्ज केएमसी कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड को सौंपे गए नेरचौक से पंडोह सड़क के कार्य में धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके कारण आम जनता और पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग को औट गांव से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, ताकि इस परियोजना के कार्य को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि टकोली से कुल्लू तक सड़क के कार्य को गति प्रदान करने के लिए दो 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन टावरों को दो माह के अंदर अन्यत्र बदला जाए। उन्होंने राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को निर्देश दिए कि ठेकेदारों को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए, ताकि सुरंग निर्माण का कार्य निर्बाध रूप से किया जा सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव आेंकार शर्मा एवं संजय कुंडू, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ भवन शर्मा, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ नवीन पुरी, शिमला, सोलन, मंडी, बिलासपुर और कुल्लू जिलों के उपायुक्त बैठक में उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने दिया भरोसा

मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने आश्वासन दिया कि राज्य में राष्ट्रीय उच्च मार्गों और भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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