विधवा बहु को विदा कर सास-ससुर ने रची समाज के लिए अनोखी मिसाल

सरकाघाट : हमारे समाज में कम लोग ही ऐसे हैं जो अपनी बहु को बेटी बना लेते हैं. एक ऐसी ही अनोखी मिसाल सरकाघाट के रहने वाले ब्रह्मदास और संतोषी देवी ने पेश की है. बहु के भविष्य को देखते हुए उन्होंनें खुद उन्होंनें खुद बहु की शादी करवा दी और हमीरपुर स्थित चबूतरा गाँव के नरेंद्र कुमार पुत्र फतुरी राम के घर विदा कर दिया. सास-ससुर के द्वारा वर्तमान समाज के लिए एक मिसाल पेश करने वाले इस सराहनीय कदम से पूरे क्षेत्र में उनकी प्रसंशा हो रही है.

गध्यानी गाँव की है घटना

जानकारी के अनुसार सरकाघाट क्षेत्र के रखोह पंचायत के तहत ग्ध्यानी गाँव के निवासी सास संतोषी देवी और ससुर ब्रह्मदास के बेटे की कुछ साल पहले एक एक दुर्घटना में आकस्मिक मौत हुई और उनकी बहु विधवा हो गई थी. बहु के भविष्य को देखते हुए उन्होंनें खुद उन्होंनें खुद बहु की शादी करवा दी और हमीरपुर स्थित चबूतरा गाँव के नरेंद्र कुमार पुत्र फतुरी राम के घर विदा कर दिया.

माँ -बाप की तरह निभाई रस्में

विवाह की सभी रस्मों को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार निभाते हुए सास -ससुर ने माँ-बाप की तरह बहु को विदा किया. गाँव के मंदिर बेदी सजाई गई थी और सगे सम्बन्धियों की उपस्थिति में सास-ससुर ने यह पुण्य कार्य सम्पन्न करवाया.

धाम का हुआ आयोजन

ब्रह्मदास और संतोषी देवी ने अपने घर पर धाम का आयोजन भी किया था. सभी सगे सम्बन्धियों ने दूल्हा -दूल्हन को दिल खोल कर आशीर्वाद और शगुन दिया.

क्षेत्र में हो रही प्रसंशा

इस प्रकार की शादी आज समाज के लिए एक बेहतर उदाहरण पेश करती है तथा इस शादी के लिए सास-ससुर की हर जगह प्रसंशा हो रही है. गौर हो कि कुछ वर्ष पहले ब्रह्मदास के बेटे से इस लड़की की शादी हुई थी लेकिन एक दुर्घटना में इसके पति की मौत हो गई थी.

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