सीमा पर इंटेलीजेंस सिस्टम मजबूत करने के लिए, चीनी भाषा सीखेगी हिमाचल पुलिस

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हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवानों को तिब्बती और चीनी भाषा सिखाई जाएगी। भारत-चीन सीमा पर इंटेलीजेंस सिस्टम मजबूत करने के लिए जवानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

किन्नौर और लाहुल-स्पीति जिला चीन के साथ 240 किलोमीटर की सीमा सांझा करते हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगभग 48 गांव स्थित हैं, जिनमें से 36 किन्नौर में आते हैं, जो 160 किलोमीटर की सीमा सांझा करता है, जबकि शेष 12 गांव लाहुल-स्पीति में हैं, जो चीन के साथ 80 किलोमीटर की सीमा सांझा करते हैं।

किन्नौर के छितकुल, नामग्या और चांगो के सीमावर्ती क्षेत्रों और लाहुल-स्पीति जिला के सुमदो में चार पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार को बाकायदा प्रस्ताव भी भेजा है।

पुलिस चौकियां न केवल जनता की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करेंगी, बल्कि भारत-चीन सीमा पर बढ़ते खतरे को भी कम करेंगी।

सीमावर्ती गांवों और अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करने वाले सात आईपीएस अधिकारियों की टीम ने विश्लेषण में पाया है कि आर्थिक अवसरों की कमी के कारण इन गांवों की आबादी कम हो रही है और अधिकांश सीमावर्ती गांवों में केवल बूढ़ी महिलाएं ही बची थीं।

चीन सीमा के साथ किन्नौर और लाहुल-स्पीति जिलों में दूरस्थ और अलग-थलग गांवों को विकसित किया जा रहा है। पिछले दो सालों में भारत-चीन सीमा पर इन्फ्रास्टक्चर मजबूत किया गया है, जिसमें सडक़ सुविधा और एयर डिफेंस सिस्टम, संचार सुविधा, इंटेलीजेंस सिस्टम को मजबूत किया है।

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