राधा पालमपुर, सुमन मंडी की मेयर, बहिष्कार के कारण धर्मशाला और सोलन में चुनाव टले
हिमाचल के चारों नगर निगमों मंडी, पालमपुर, धर्मशाला और सोलन में सोमवार को नए पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसके बाद मंडी और पालमपुर में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव हो गया, जबकि सोलन और धर्मशाला में शपथ के बाद चुनाव अगली बैठक के लिए टल गया।
भाजपा के गढ़ रहे मंडी नगर निगम में भाजपा पार्षद सुमन ठाकुर मेयर और जितेंद्र शर्मा को डिप्टी मेयर चुना गया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद सिकंदर कुमार और भाजपा विधायक मंडी में मौजूद थे।
नगर निगम पालमपुर में कांग्रेस पार्षद राधा सूद लगातार दूसरी बार सर्वसम्मति से महापौर बनीं, जबकि नीलम मलिक उपमहापौर चुनी गईं। यहां कांग्रेस को बहुमत मिला था।
पालमपुर नगर निगम में अब पूरी तरह नारी शक्ति का वर्चस्व हो गया है। पालमपुर नगर निगम के दूसरे चुनावों में कांग्रेस ने 15 में से 11 वार्डों पर जीत हासिल की थी, जिसमें महिलाओं का आंकड़ा नौ था, जबकि चार सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार जीते थे।
इस तरह नगर निगम में कांग्रेस समर्थित मेयर और डिप्टी मेयर बनना तय थे। इसके अलावा धर्मशाला में चुनाव टल गए हैं। शपथ के बाद कांग्रेस पार्षदों के चुनाव में भाग नहीं लिया। यहां चुनाव अब पहली जुलाई को होंगे।
धर्मशाला नगर निगम की नई परिषद का पहला दिन भारी राजनीतिक गहमागहमी और हाई वोल्टेज ड्रामे का गवाह बना। मिनी सचिवालय में 17 नवनिर्वाचित पार्षदों के शांतिपूर्ण शपथ ग्रहण के ठीक बाद, कांग्रेस के पार्षदों ने रणनीतिक वॉकआउट कर दिया।
इस सियासी दांव-पेंच के चलते मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव कोरम के अभाव में स्थगित करना पड़ा। अब शहर की सरकार के मुखिया का फैसला पहली जुलाई को होने वाली साधारण बैठक में होगा।
सोलन में भी पार्षदों का शपथ समारोह हुआ, लेकिन मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव नहीं हुए। उपायुक्त सोलन ने अब दो जुलाई को दोबारा से चुनाव की तिथि घोषित की है।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि चुनाव को स्थगित कर दिया है और अब दोनों पदों के लिए चुनाव दो जुलाई को शाम तीन बजे आयोजित किए जाएंगे।
सुबह 11 बजे आयोजित इस समारोह में सभी 17 पार्षदों को शपथ दिलाई जानी थी। इस समारोह में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते 10 पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद समय पर पहुंच गए और उपायुक्त ने इन पार्षदों को शपथ दिलाई।
इसके पश्चात समारोह में पहुंचे कांग्रेस के छह पार्षदों को अलग से शपथ दिलाई गई। शपथ के बाद ही मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर भी बैठक आयोजित की जानी थी, लेकिन शपथ ग्रहण करते ही कांग्रेस के सभी छह पार्षद बैठक कक्ष से बाहर चले गए।
