मणिमहेश डल झील में पवित्र डुबकी को खूब उमड़ रहा सैलाब, दो दिन में 1635 भक्तों ने भरी उड़ान

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मणिमहेश यात्रा में हेलिटैक्सी सेवा के जरिए दो दिन में 1635 श्रद्धालुओं ने हवाई सफर किया है, जिसमें मंगलवार को 627 यात्रियों ने को दोनों तरफ सफर किया है।

जबकि सोवमार को इस वर्ष यात्रा में सबसे अधिक 1008 यात्रियों ने हेलिकाप्टर के जरिए भगवान भोले नाथ के दरबार में हाजिरी भरी। बहरहाल मंगलवार दोपहर बाद खराब मौसम के चलते उड़ानें नहीं हो पाई, जिस कारण हेलिटैक्सी के जरिए डल झील की ओर रुख करने वाले यात्रियों को भी झटका लगा है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को हिमालयन हेलिटैक्सी के हेलिकॉप्टर के जरिए 160 ने भरमौर से गौरीकुंड और 313 ने वापस भरमौर के लिए उड़ान भरी।

इसी तरह थुंबी एविएशन के हेलिकाप्टर में 154 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड व गौरीकुंड से भरमौर के लिए 155 श्रद्धालु वापस आए।

अहम है कि ठीक सुबह छह बजे के आसपास दोनों हेलिकॉप्टरों ने अपनी उड़ानें आरंभ की, लेकिन दोपहर बाद डेढ़ बजे के आसपास भरमौर के ऊपरी हिस्से में मौसम खराब होने के चलते उड़ानों का दौर थम गया।

एक दिन में 1008 यात्रियों ने किया हवाई सफर

बता दें कि सोमवार को दिन भर मौसम का साथ मिलने के चलते मणिमहेश यात्रा में सोमवार को 1008 यात्रियों ने हेलिटैक्सी में सफर किया है। इसमें 526 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ान भरी है।

इनमें हिमालयन हेलिटैक्सी के हेलिकॉप्टर में भरमौर से गौरीकुंड के लिए 261 यात्रियों ने उड़ान भरी, जबकि 229 यात्री डल झील में स्नान कर भरमौर लौटे है।

इसी तरह थुंबी एविएशन के हेलिकाप्टर में गौरीकुंड से भरमौर के लिए 253 तथा भरमौर से गौरीकुंड के लिए 265 ने उड़ान भरी है।

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