17 मार्च को खुलेगा नौकरियों का पिटारा; शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा भर्तियां, भर्ती विधान पर भी फैसला

113

शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पहला बजट राज्य में हजारों नौकरियां भी लेकर आ रहा है। युवाओं को इस बजट से एक तरफ एक लाख सरकारी नौकरियों को लेकर फैसला होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र के अनुसार भर्ती विधान बनाने का ऐलान भी इस दौरान हो सकता है।

मंगलवार से शुरू हो रहे बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 मार्च को अपना पहला बजट पेश करेंगे। इसमें रोजगार एक प्रमुख घोषणा रहने वाली है।

सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का वादा किया हुआ है। इसमें से एक लाख सरकारी नौकरियों पर कैबिनेट ने एक कैबिनेट सब-कमेटी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान की अध्यक्षता में बनाई हुई है।

हालांकि अभी तक कैबिनेट सब-कमेटी अपनी सिफारिशें फाइनल नहीं कर पाई है, लेकिन उद्योग मंत्री सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि हर साल 20000 सरकारी रोजगार के फार्मूले के तहत एक लाख का टारगेट पूरा किया जाएगा।

यदि ऐसा है तो मुख्यमंत्री को अपनी सरकार के पहले साल में होने वाली भर्तियों का ब्योरा बजट में देना होगा। वैसे मुख्यमंत्री नई भर्तियों को लेकर हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग के पेपर लीक विवाद में कह चुके हैं कि अप्रैल के बाद सरकार नई भर्तियां करना चाहती है, इसलिए नई भर्ती एजेंसी पर काम तेज किया गया है।

अब देखना यह है कि कितने हजार पदों को भरने का एलान बजट में होता है।

इसमें उम्मीद यह है कि शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा भर्तियां होंगी। शिक्षा मंत्री खुद 12000 पदों को रिक्त बता चुके हैं और प्री-नर्सरी टीचर्स की भर्ती से शुरुआत होने वाली है।

पीडब्ल्यूडीए जल शक्ति और बिजली बोर्ड जैसे बड़े विभागों और बोर्डों में कर्मचारियों की कमी है और इस पर सरकार ने बजट में ही निर्णय लेना है। पिछले बजट की बात करें तो तब के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 30000 फंक्शनल पदों को भरने का ऐलान बजट में किया था।

हालांकि वह यह लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए। एनटीटी भर्ती नीति समय पर फाइनल नहीं हुई है। इस कारण करीब 4700 पद खाली रह गए। पूर्व सरकार मल्टी टास्क वर्कर शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग में रख पाई थी, लेकिन इन्हें मानदेय बहुत कम मिलता है।

शिक्षकों की भर्ती का मामला भी स्लो रहा था। जेबीटी भर्ती लंबे समय तक कोर्ट में रही और अन्य भर्तियों के अधिकांश मामले न्यायालय में उलझे होने के कारण पूरे नहीं हो पाए।

इसलिए नई सरकार के भर्ती विधान पर सबकी नजर है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले युवाओं से वादा किया है कि वह एक ऐसा भर्ती विधान बनाएगी, जिसमें पद विज्ञापित होने से नियुक्ति तक सारी प्रक्रिया छह माह में पूरी की जाएगी। अब देखना है कि बजट में भर्ती विधान का क्या होता है।

विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को राज्य सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट रखा जा रहा है। इस बारे में एक विधेयक को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पेश करेंगे।

दरअसल पिछले बजट से अधिक हुआ खर्चा अनुपूरक बजट के तहत विधानसभा से पास करवाना होता है। जयराम ठाकुर ने पिछले साल 51365 करोड़ का बजट पेश किया था।

इससे ऊपर कितना खर्चा इस साल हुआ है, इसका पता अनुपूरक बजट से लगेगा। इसे मंगलवार को पेश किया जाएगा और बुधवार को पारित किया जाएगा।

Related Posts

Leave a Reply