डिफेंस सेक्टर में प्रवेश के द्वार खोलेगी एचपीयू

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के तहत पढ़ने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। रक्षा सेवाओं, इंटेलिजेंस या डिफेंस से जुड़े किसी क्षेत्र में युवाओं को अगर अपना करियर बनाना है, तो अब एचपीयू में इससे संबधित कोर्स पढ़ाया जा रहा है। इस सत्र से विश्वविद्यालय में रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन पर डिग्री करवाई जा रही है।

वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-2021 से रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन पर नया स्नातकोत्तर कोर्स आरंभ करने को एचपीयू की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। यह कोर्स चार सत्रों में विभाजित दो वर्षों में पूरा होगा। इस कोर्स की उपयोगिता रक्षा सेवाओं, सेना विश्लेषक, इंटेलिजेंस, पत्रकारिता, सायबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ इत्यादि में रहेगी। इस कोर्स को आरंभ करने के लिए हिमाचल प्रदेश में काफी समय से छात्र समुदाय की मांग उठती रही है।

इस वर्ष इस कोर्स में दाखिले के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 31 अगस्त तक प्रार्थी आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि दो साल में पूरा होने वाले इस कोर्स के लिए 30 सीटें होंगी, जिसमें दस सीटें सबसिडाइज्ड और 20 नॉन सबसिडाइज्ड होंगी। यानी शुरू में मेरिट के आधार पर होने वाले दाखिलों में फीस नॉर्मल रहेगी।

वहीं नॉन सबसिडाइज्ड सीटों पर छह महीने की 20 हजार फीस होगी। यानी की हर सेमेस्टर में छात्रों को 20 हजार फीस चुकानी होगी। फिलहाल एचपीयू की ओर से शुरू किया गया यह नया कोर्स छात्रों के लिए इस वजह से भी फायदेमंद रहेगा, क्योंकि इससे छात्रों को आगे चलकर अपने करियर को लेकर नए अवसर मिलेंग। रक्षा एवं रणनीतिक विषय को लेकर विश्वविद्यालय ने पूरा सिलेबस तैयार कर दिया है।

वहीं, बताया जा रहा है कि इस विषय में डिग्री करने वाले छात्रों को डिफेंस सेवाओं के बारे में भी पढ़ने व समझने का अवसर मिलेगा। गौर हो कि लंबे समय से छात्र संगठनों द्वारा भी इस बारे में बार- बार मांग की जा रही थी। उसका कारण यह कि राज्य के युवा इंटेलिजेंस ब्यूरो, डिफेंस सेवाएं व सोशल वर्कर के रूप में सेवाएं देना चाहते हैं, लेकिन इस विषय में कोई डिग्री न होने की वजह से खासी दिक्कतें होती थीं।

यही वजह है कि यह नया विषय छात्रों की सुविधा के लिए एचपीयू ने शुरू किया है। खास बात है कि यह होगा तो एक विषय, लेकिन इसमें छात्रों को पत्रकारिता के टिप्स भी बताए जाएंगे। यानी करियर बनाने के लिए कई ऐसे क्षेत्र होंगे, जहां पर यह डिग्री मान्य होगी।

हालांकि नॉन सबसिडाइज्ड के लिए एचपीयू ने इस विषय में डिग्री करने के लिए फीस ज्यादा रखी है, लेकिन एचपीयू को विश्वास है कि इस विषय में डिग्री करने वाले छात्रों में रुचि बहुत ज्यादा है, इस वजह से सभी सीटें भर जाएंगी।

बता दें कि नया कोर्स शुरू करने का एक मकसद एचपीयू का आगामी समय में नैक से अच्छी ग्रेड लेने का भी है। फिलहाल यह नया कोर्स एचपीयू के छात्रों को कितना भाता है, आने वाले समय में यह देखना अहम होगा।

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