हिमाचल के इस सरकारी स्कूल ने पछाड़ दिए बड़े-बड़े बागबान, बंजर ज़मीन पर उगा दिया सोना

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बिलासपुर। मन में कुछ करने की चाह हो, तो कुछ भी असंभव नहीं। कड़ी मेहनत और लग्र से बंजर जमीन पर भी सोना निकल आता है। जी हां! मेहनत की यह कहानी लिखी गई है राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जेजवीं में।

जहां मिड-डे-मील की गुणवत्ता, पौष्टिकता, स्वादिष्टता बनाए रखने के लिए किचन गार्डनिंग का अनूठा प्रयोग हो रहा है। पाठशाला में प्रधानाचार्या रेखा शर्मा की देखरेख में बंजर ज़मीन पर एनएसएस के विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा खाली समय में निंदाई तथा गुड़ाई की जाती है।

प्रधानाचार्या ने क्यारियों में डालने के लिए स्वेच्छा से विद्यार्थियों को अपने घर से एक-एक किलो देसी गोबर खाद तथा बीज लाने के लिए प्रेरित किया।

परिणामस्वरूप इस समय पाठशाला परिसर में घीया भिंडी, बैंगन, लौकी, तोरी, शिमला मिर्च, टमाटर, हरी मिर्च, पुदीना तथा धनियां की फसल लहलहा रही है। कुछ दिनों बाद इन क्यारियों में अदरक, घंडियाली की अच्छी फसल होने की संभावना है तथा पालक, सरसों, मेथी, धनिया की बिजाई कर दी गई है।

परिसर में कद्दू,घीया तथा लौकी की बेलें अपने यौवन पर हैं। पाठशाला प्रधानाचार्या रेखा शर्मा ने बताया कि इन सब्जियों का प्रयोग बच्चों के लिए मिड-डे-मील में किया जाता है तथा पोषण माह को व्यवहारिकता के रूप में मनाया जाता है। पाठशाला का यह प्रयास है कि बच्चों को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक तथा स्वादिष्ट भोजन मिले।

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