प्रदेश की सड़कों की मुरम्मत व आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत हुई 585 करोड़ की राशि

शिमला : कोरोना संक्रमण के बीच विश्व बैंक ने हिमाचल को बड़ी राहत प्रदान की है। प्रदेश की प्रमुख सड़कों के मरम्मत कार्य व आधुनिकीकरण के लिए वर्ल्ड बैंक ने 585 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।

इन सड़कों का होगा कार्य

इस राशि से पहले चरण में 45 किलोमीटर लंबे बरोटीवाला-बद्दी-साईं-रामशहर, 14.5 किलोमीटर दधोल-लदरौर सड़क, 28 किलोमीटर लंबी मंडी-रिवालसर-कलखर और 3.5 किलोमीटर लंबी रघुनाथपुरा-मंडी-हरपुरा-भराड़ी सड़कों का कार्य शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी।

585 करोड़ की राशि जारी

उन्होंने कहा कि विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क परियोजना के तहत राज्य की मुख्य सड़कों के स्तरोन्न्यन तथा लोक निर्माण विभाग के आधुनिकीकरण के लिए 585 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लॉकडाउन के कारण राज्य में सड़क परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव का कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वास्तविक स्थिति को ध्यान में रख कर, नए सिरे से पुनः लक्ष्य निर्धारित करके उसके अनुसार कार्य आरंभ किए जाएंगे।

स्थानीय मजदूर को तरजीह

उन्होंने कहा कि स्थानीय मजदूरों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश में चल रही परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जा सके। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने खनन स्थलों से परियोजना क्षेत्रों तक निर्माण सामग्री की ढुलाई के लिए जिलें में ट्रकों की आवाजाही को अनुमति देने का निर्णय लिया है।

जल्द खुलेंगी हार्डवेयर की दुकानें

उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र ही हार्डवेयर की दुकानों को खोलने पर भी विचार करेगी, ताकि निर्माण सामग्री की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क निर्माण कार्य करने वाली मशीनरी को निर्माण स्थल तक पहुंचाने के लिए भी जिलों में आवाजाही पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल के अधिकार क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की आवाजाही की अनुमति देने पर भी विचार कर रही है।

विकास की रेखा होती है सड़कें

जयराम ठाकुर ने कहा कि सड़कों के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी राज्य की विकासात्मक स्थिति का दर्पण होती हैं। इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि सड़कों की समय-समय पर मरम्मत होती रहे तथा कहा कि इस कार्य में स्थानीय मजदूरों की सेवाएं ली जानी चाहिए।

प्रधान सचिव ने दी जानकारी

प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग जेसी शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ भवन शर्मा, लोक निर्माण विभाग परियोजना के इंजीनियर-इन-चीफ ललित भूषण और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

100 किमी सड़क निर्माण कार्य प्रभावित

वर्ष 2019-20 के लिए 900 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण लगभग 800 किलोमीटर सड़कों का ही निर्माण किया जा सका है। वर्ष 2020-21 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4960 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1666 करोड़ रुपए का वित्तीय आबंटन किया गया है।

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