हिमाचल सरकार ने हाल ही में वापस ली गई बिजली सबसिडी को फिर से लागू कर दिया है। यह सबसिडी 126 से 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी, जिससे 6 लाख से अधिक परिवारों को सीधा लाभ होगा।
सरकार के इस निर्णय के बाद राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड को भी आगामी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार राज्य बिजली बोर्ड ने पूर्व में उपभोक्ताओं को 126 से 300 यूनिट तक प्रदान की जाने वाली सबसिडी को बंद कर दिया था।
पता चला है कि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए गत दिनों मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने एक उच्च स्तरीय बैठक ली। जिसमें इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को 1.72 रुपए प्रति यूनिट की दर से सबसिडी देने का निर्णय लिया गया है।
इससे उपभोक्ताओं को 126 से 300 यूनिट तक बिजली खपत करने पर यह सबसिडी दी जाएगी। पता चला है कि बैठक में सीएम ने इस संबंध में तुरंत आदेश जारी किए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सकें।
बता दें कि राज्य में उपभोक्ताओं को घरेलू बिजली दरें दो हिस्सों में बांटी गई हैं। इसके तहत 0 से 125 यूनिट इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को 3.37 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी मिलती है और अधिकतम दो मीटर तक जीरो बिल की व्यवस्था को लागू है, वहीं अब 126 से 300 यूनिट इस श्रेणी में अब फिर से 1.72 रुपए प्रति यूनिट सबसिडी लागू कर दी गई है।
जबकि 300 यूनिट से अधिक खपत होने पर अतिरिक्त यूनिट पर उपभोक्ताओं को कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी और पूरा टैरिफ देना होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में करीब 14 लाख उपभोक्ता पहले से ही 0 से 125 यूनिट वाली जीरो बिल योजना का लाभ ले रहे हैं।
अब इस नए फैसले से अतिरिक्त 6 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। जाहिर है कि इस वित्तीय वर्ष में सरकार के फैसले के तहत एक उपभोक्ता के नाम पर अधिकतम दो बिजली मीटर पर ही सब्सिडी मिलेगी।
यदि किसी के नाम पर इससे अधिक मीटर हैं, तो बोर्ड उपभोक्ताओं को दो मीटर का विकल्प देना होगा। वहीं सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी राहत जारी रखते हुए 0 से 20 केवीए श्रेणी में 4.73 रुपए प्रति यूनिट सबसिडी देने का निर्णय बरकरार रखा है, जबकि ऊर्जा शुल्क 5.03 रुपए प्रति यूनिट है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद आम लोगों पर बढ़ते बिजली खर्च का बोझ कम करना और उन्हें आर्थिक राहत देना है।




























