प्रवक्ताओं के 530 पदों को भरने की मंजूरी, जानें कैबिनेट के बड़े फैसले

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शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित की गई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने सीधी भर्ती के माध्यम से विभिन्न विषयों के प्रवक्ताओं (स्कूल न्यू) के 530 पद भरने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने आम जनता की सुविधा के लिए एटिक फ्लोर को रहने योग्य बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम, 2014 में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की

अनुबंध सेवा की अवधि व वेतन को समय-समय पर अधिसूचित किया जाएगा
मंत्रिमंडल ने निर्धारित वेतन (एमोल्यूमेंट्स) पर भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमावली के नियम-4 एवं नियम 15-ए के तहत उपयुक्त संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

सरकार की ओर से अनुबंध सेवा की अवधि व वेतन को समय-समय पर अधिसूचित किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (एचपीएएस) के माध्यम से सीधी भर्ती के आधार पर पुलिस उप अधीक्षक के दो पदों को  नियमित आधार पर भरने को स्वीकृति प्रदान की।

नशीली दवाएं एवं मादक पदार्थ नियम में संशोधन की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश नशीली दवाएं एवं मादक पदार्थ नियम 1989 के नियम 50 में संशोधन करने का निर्णय लिया। राजस्व बढ़ाने की दिशा में उठाए गए इस कदम से अब वार्षिक लाइसेंस शुल्क डेढ़ लाख रुपये होगी। मंत्रिमंडल के समक्ष राज्य में कोविड-19 की स्थिति पर प्रस्तुति भी दी गई।

हिमाचल प्रदेश में 7,000 विधवा और एकल नारियों को घर बनाने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए जाएंगे। दो लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना शुरू होने जा रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से सुक्खू सरकार वित्तीय सहायता देगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार की इस पहल से ऐसी महिलाओं को संबल मिलेगा जो आर्थिक तंगी के कारण अपने आवास का निर्माण करवाने में असमर्थ हैं।

इस योजना की मदद से ये महिलाएं अब अपना घर बनाने में सक्षम होंगी। इससे न केवल महिलाओं को रहने के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा अपितु इससे महिलाओं में स्वामित्व और सशक्तीकरण की भावना भी सुदृढ़ होगी।

योजना के तहत निर्मित घरों में बिजली, पानी और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। इस योजना के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि महिलाओं के पास अपने दैनिक जीवनचर्या के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह योजना विधवाओं और एकल नारियों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें समाज में सम्मानित जीवन जीने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इन कमजोर समूहों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के सरकार के प्रयासों से राज्य में समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
इस बैठक में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली के लिए SOP तैयार कर दी गई है. हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हुई पहली मंत्रिमंडल की बैठक में ही ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी. सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत आने वाले इन कर्मचारियों का जीपीएफ अकाउंट खुलवाएगी. सरकार के गठन के चार महीने बाद सरकार अब भी इस प्रक्रिया में जुटी हुई है.

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