नारला से मंडी नए बने फोरलेन पर बरसात से पहले वाहन दौड़ना शुरू हो जाएगे। 5 बड़े और 19 के करीब छोटे पुलों की फोरलेन के साथ कनेक्टिविटी का कार्य अंतिम चरण पर चला हुआ है।

इन पुलो पर वेट टेस्टिंग किया जा रहा है। फोरलेन पर 50 के करीब छोटी पुलियों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। महेड़ से बिजनी तक नए ट्रेक पर बने लगभग 6 किलो मीटर फोरलेन की कटिंग कार्य प्रगति पर है।
इस हाइवे पर सोलिंग वेयरिंग के साथ साथ टायरिंग, ब्रस्टवाल का कार्य भी प्रगति पर चला हुआ है। हिल एरिया में ब्रस्ट वॉल लगाने का कार्य भी जोरों पर है।
नारला से मडी तक पुराने हाइवे का स्वरूप निर्माण की जद में लगभग समाप्त हो गया है। वर्तमान में ट्रेफिक नए हाइवे पर चला हुआ है।
गौ सदन के समीप खानी नाला मैगल में बन रहे विशाल पुल का निर्माण कार्य भी जोरों पर चला हुजा है। इस पुल का निर्माण कार्य पूरा होने पर नए ट्रेक पर वाहन दौडऩा शुरू हो जाएंगे।
लबाडी नाला पुल के दोनों किनारे फोरलेन के साथ जोड़े जा रहे है। नारला, कुन्नू, साहल, माणा, ब्लैक नाला. भटोग द्रग में बने पुलों की कुनेक्टिविटी का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है।
निर्माणाधीन फोरलेन का कार्य पूरा होने पर लोगों को एक बड़ी राहत मिलेगी। डायवर्जन प्वाइंटों पर पुलों की कनेक्टिविटी की जा रही है। नारला से मंडी हाई-वे की दुरी 23 किलो मीटर है जो घट कर 19 किलो मीटर रह जाएगी।
पुराने एनएच से मंडी का सफर एक घंटे में तय किया जाता था। फोरलेन निर्माण से मडी का सफर आधा घटा में तय किया जाएगा। सकरे और तग मोड फोरलेन पर अब नहीं दिखेंगे।
परियोजना निदेशक वरूण चारी ने बताया कि पुलों की एक दो महीने के भीतर कनेक्टिविटी हो जाएगी। निर्माण कार्य अस्सी फीसदी पूरा हो गया है। शेष कार्य प्रगति पर चला हुआ है।




























