सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण भुभूजोत टनल टू लेन सहित सड़क डबल लेन होगी। दशकों से लंबित सपना अब हकीकत बनेगा। प्रस्तावित भुभु जोत टनल बनने के बाद कांगड़ा और कुल्लू के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी।

मंडी और कुल्लू जिलों को जोड़ेगी टनल
मंडी और कुल्लू जिलों को जोड़ने वाली घटासनी, शिल्हबधानी, भुभू जोत कुल्लू सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मुहिम में निर्णायक मोड़ आ गया है।
रक्षा मंत्रालय ने इस पूरे प्रोजेक्ट को सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानते हुए मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही एनएचएआई ने सड़क को दो लेन में अपग्रेड करने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
काँगड़ा कुल्लू के बीच कम होगी दूरी
प्रस्तावित भुभु जोत टनल बनने के बाद कांगड़ा और कुल्लू के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी। मौजूदा घुमावदार और मौसम पर निर्भर रास्ते की जगह यह ऑल वेदर सुरंग सीधा और तेज कनेक्शन देगी।
कुल्लू, जोगिन्दरनगर खंड में भी दूरी में भारी कमी आएगी। मानसून में भू-स्खलन से बंद होने वाली सड़कों की समस्या भी काफी हद तक हल हो जाएगी।
सेना की पहुँच होगी आसान
रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना को लेह लद्दाख तक वैकल्पिक रणनीतिक मार्ग के रूप में देखा है। सेना की फॉरवर्ड एरिया में तेज पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह सड़क और टनल अहम भूमिका निभाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को मंजूरी की सिफारिश भी कर दी है।
सरकार के प्रयास लाए रंग
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिल्हबुधाणी भुभूजोत से कुल्लू सडक़ को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।
रक्षा मंत्रालय ने इसे सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना है और एनएचएआई ने इसे दो लेन सडक़ बनाने के लिए डीपीआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंडी व कुल्लू जिला के महत्त्वपूर्ण भुभू-जोत टनल बनने से कांगड़ा से कुल्लू की दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी।
सीएम के बजट में जिक्र
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सरकार के चौथे बजट में भी भुभूजोत सड़क और टनल का जिक्र किया है। अधिकारियों को डीपीआर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।




























