हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है जिसके चलते मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था संबंधित बैठक की अध्यक्षता स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने की।
इस बैठक में प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह केके पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, प्रबंध निदेशक बिजली बोर्ड आदित्य नेगी, जिलाधीश शिमला अनुपम कश्यप, महानिरीक्षक सतर्कता संतोष पटियाल, उप-महानिरीक्षक दक्षिण रेंज अंजुम आरा, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क राजीव कुमार, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन हरबंस सिंह ब्रेस्कॉन, प्रबंध निदेशक राज्य पर्यटन विकास निगम राजीव कुमार, आयुक्त नगर निगम शिमला भूपेंद्र अत्री, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला शिमला गौरव सिंह, निदेशक स्वास्थ्य डा. गोपाल बैरी आदि उपस्थित थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन के बजाए हस्तलिखित माध्यम से जारी किए जाएंगे, चूंकि हमने हाल ही में हिमाचल ई-विधान को छोडक़र राष्ट्रीय ई-विधान (नेवा) को अपनाया है, जिसका कार्य अभी प्रगति पर है।
प्रेस संवाददाताओं की सुविधा को देखते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इनका प्रवेश यथावत गेट नंबर 3, 4, 5 व 6 से ही रखा जाएगा।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपने पहचान पत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी सरकारी अधिकारी/कर्मचारी व अन्य पास धारक अपना शासकीय पास किसी अन्य को स्थानान्तरित नहीं करेगा अन्यथा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री-मंत्रियों से मिलने का समय तय
मुख्यमंत्री तथा मंत्री परिषद के सदस्यों से आगंतुक तथा जनप्रतिनिधि मंडल विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में समय मिलने पर ही मिल सकेंगे। पुलिस विभाग तथा सीआईडी के अधिकारी आपसी तालमेल से इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
विधानसभा परिसर में हाइटेक एंबुलेंस
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा में कोई भी चूक कतई बर्दाशत नहीं की जाएगी। विधानसभा की बाहरी तथा आंतरिक सुरक्षा महत्त्वपूर्ण है। अध्यक्ष द्वारा जारी निर्देशों की अक्षरक्ष: अुनपालना सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त विधानसभा परिसर में एक एंबुलेंस जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और दो डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टॉफ भी ड्यूटी पर तैनात रहेगा।
डीजीपी बोले, 500 जवान संभालेंगे सुरक्षा
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि 500 जवान सत्र के दौरान सुरक्षा में मौजूद रहेंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि विधानसभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही पार्किंग करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी पार्किंग स्टिकरज वाहन के आगे प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।



























