हिम टाइम्स – Him Times

स्मार्ट मीटर से हर 15 मिनट बाद आएगा बिजली खर्च का मैसेज

Smart meter project will be launched soon

हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड की स्मार्ट मीटर लगाने से व्यवस्था भी पूरी तरह से हाईटेक होगी। स्मार्ट मीटर में ऐसी तकनीक का उपयोग किया गया है कि हर उपभोक्ता को संबंधित बिजली डाटा हर पंद्रह मिनट बाद मिलेगा।

बड़ी बात यह है कि बिजली की आपूर्ति बाधित होने की जानकारी भी बिना किसी शिकायत के अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।

बहरहाल पहले पैकेज के तहत बोर्ड ने साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार बिजली बोर्ड ने स्मार्ट मीटर में एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया है।

इस व्यवस्था के तहत मीटर सीधे सर्वर से जुड़े रहेंगे और रियल टाइम में डाटा भेजेंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि किसी क्षेत्र में उपभोक्ता की अचानक बिजली सप्लाई बंद होती है, तो अधिकारियों को बिना किसी शिकायत के ही इसकी जानकारी हासिल हो जाएगी।

इसके बाद संबंधित अधिकारी और फील्ड स्टाफ को तुरंत सूचना मिल जाएगी और बिजली व्यवस्था को बहाल समय रहते किया जा सकेगा। वहीं बोर्ड प्रबंधन फील्ड स्टाफ पर भी इस तरह से निगरानी रख पाने में सक्षम रहेगा।

बिजली चोरी से बचाव
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग या अनुमानित रीडिंग की समस्या से भी राहत मिलेगी।

इससे मीटर रीडर के घर-घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत भी कम होगी। उनका कहना है कि इससे त्रुटियों की संभावना घटेगी और बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनेगी। आदित्य नेगी ने कहा कि नई व्यवस्था से बिजली चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी।

राजस्व नुकसान पर रोक
यदि किसी मीटर से असामान्य खपत या छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं, तो स्मार्ट मीटर के सिस्टम से तुरंत संकेत मिलेगा। बोर्ड को समय रहते कार्रवाई करने में आसानी होगी और राजस्व नुकसान पर रोक लगेगी।

उन्होंने बताया कि बोर्ड प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगा रहा है। बोर्ड के साउथ जोन के तहत साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

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