हिमाचल सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य में टूरिज्म सेक्टर को बूस्टर डोज दिया है। पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिवर राफ्टिंग को मजबूती देने के लिए सरकार ने 220 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
यह पैसा कुल्लू-मनाली, कांगड़ा और नादौन में खर्च होगा। राज्य सरकार ने कहा है कि टूरिज्म के हॉट स्पॉट पर पर्यटकों को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। कुल्लू, मनाली में रिवर राफ्टिंग में कई बार हादसे होते रहे हैं।
यहां इसका रेगुलेशन भी एक मुद्दा है, जबकि बाहर से आने वाले पर्यटक रिवर राफ्टिंग पसंद करते हैं और इसी के आकर्षण में कुल्लू-मनाली आते हैं। इसलिए इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। पर्यटकों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा रोड साइड एमेनिटीज के कांगड़ा जिला और हमीरपुर की नादौन के प्रोजेक्ट भी इस बजट के जरिए आगे बढ़ेंगे। नादौन में ब्यास नदी के किनारे रिवर राफ्टिंग शुरू करने का प्रस्ताव है।
राज्य सरकार ने पर्यटन विभाग को इस बजट से उन परियोजनाओं को गति देने को कहा है, जो राज्य में आने वाले पर्यटकों को सुविधा दे सके।
दरअसल वित्त वर्ष 2023-24 में विशेष केंद्रीय सहायता के तहत हिमाचल की क्लेम को केंद्र सरकार ने उस समय क्लियर नहीं किया था।
राज्य सरकार पिछले दो साल से इस मामले को लगातार उठा रही थी। अब जाकर विशेष केंद्रीय सहायता के तहत राज्य की ओर से भेजा गया प्रस्ताव स्वीकार हुआ है।
यह पैसा पर्यटन विभाग को इसी वित्त वर्ष में खर्च करना होगा। राज्य सरकार की ओर से इस वर्ष के लिए निर्धारित बजट के अलावा यह पैसा खर्च होगा। वित्त विभाग ने इस पैसे को खर्च करने के लिए गाइडलाइन भी जारी की है।
